महिलाओं के लिए नियमों की जानकारी देने और स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए होगा कार्यशाला का आयोजन – ईला गुप्ता

PTV BHARAT 01 AUGUST 2025  छग चेंबर ऑफ कांमर्स की महिला शाखा की नव निवार्चित अध्यक्ष ईला गुप्ता और प्रदेश महामंत्री मनीषा तारवानी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि महिलाओं को आगे लाने के लिए हर 15 दिन में कार्यालय परिसर में स्टाल लगा कर महिला उद्यमियों को सामानों की बिक्री करने का अवसर प्रदान किया जाएगा । इसके अलावा कार्यशाला के जरिए नियमों की जानकारी और तनाव को कैसे मैनेज करना है इसकी जानकारी दी जाएगी। इस पत्रकार वार्ता में श्रीचंद सुदरानी, चेतन तारवानी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। महिला चैबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का मुख्य उद्देश्य व्यवसाय उद्‌योग और वाणिज्य में महिलाओं को सशक्त बनाना और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है महिलाजों के लिए नेटवर्किंग में सहायता प्रदान करना, ताकि वे व्यवसाय में अपनी आजीवीका सुदृढ कर सकें महिलाओं को समान अधिकार अवसर और सन्मान मिलना चाहिए फिर भी कई महिलाओं को आज भी भेदभाव और असमानता का सामना करना पड़ता है महिला सशक्तिकरण का सही अर्थ है उन्हें सीखने, काम करने और नेतृत्व करने की स्वतंत्रता देना, महिला सशक्तिकरण के पांच प्रमुख बिंदु महिलाओं को आत्म सम्मान की आवना होनी चाहिए निर्णय लेने में सक्षम होना चाहिए अवसरों और संसाधनों के अवसर तक उनकी पहुंच होनी, और उन्हें सामाजिक क्षेत्र में भी उनकी स्थिति मजबूत होनी चाहिए घर के भीतर और बाहर अपने स्वयं के जीवन पर नियंत्रण होना महिला चैबर मैं महिलाओं के उद्देश्य को समझने के लिए हमें उनके सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा ताकि हम महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में भी मजबूत बना सके जिसे वे परिवार के हित में से फैसले भी ले सके उनका आत्म निर्भर बनना ही परिवार को सही दिशा एवं दशा देगा।महिला सशक्तिकरण समस्त विकास लक्ष्यों में सम्मुख है आज की नारी किसी भी रूप में पुरुषों से कम नहीं है वो ह क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है अपने परिवार का नाम रोशन कर रही है और चैबर इसी दिशा में कार्य कर रहा है वह महिलाओं को सशक्त बनाने में उनका सामाजिक हित मजबूत करने में पैबर की प्रमुख भूमिका हो सकती है बस हमें महिलाओं को जागरूक करना है ताकि वे स्वयं के छोटे बड़े रोजगार शुरू कर सके और खुद को एक नई पहचान दे सके।महिला सशक्तिकरण एक आवश्यक अधिकार है जो पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी मिलना चाहिए बेशक समाज पुरुष प्रधान है परंतु अब समय बदलता जा रहा है कहते हैं कि वक्त के साथ बदलाव आवश्यक होता है समय बदल गया समय के साथ-साथ महिलाओं की स्थितिया भी बदलती जा रही है अब महिलाएं घर की चारदीवारी से निकलकर बाहरी दुनिया में कदम रखने लगी है और सफलता के शिखर को छू रही है।आज कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां महिलाएं अपने को साबित न कर रही ही फिर चाहे वो सामाजिक क्षेत्र हो राजनीतिक क्षेत्र हो फिर चाहे अंतरिक्ष ही क्यों ना हो हर जगह महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।

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