PTV BHARAT 08 AUGUST 2025 रायपुर, 08 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी हमेशा सकारात्मक परिणाम देती है। जनसेवा में ईमानदारी और समर्पण के साथ लगे रहने पर जनता का स्नेह और आशीर्वाद अवश्य ही प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित नवनिर्मित सभागार में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सुशासन संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन IIM रायपुर में अध्ययनरत मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों के साथ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें सुशासन की बारीकियों से अवगत कराया और उनके प्रश्नों के प्रेरणादायक उत्तर दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। प्रदेश में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी फाइलें डिजिटलीकृत हो रही हैं। इससे शासन की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी है और फाइलों की ट्रैकिंग भी सहज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा भ्रष्टाचार के सभी मार्गों को बंद करने की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले, यही असली सुशासन है। योजनाएं सोच-समझकर बननी चाहिए, क्योंकि इसके पीछे जनता की गाढ़ी कमाई लगती है। जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से क्रियान्वित होती हैं, तभी आमजन को उसका सीधा लाभ मिलता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उनके जिज्ञासु सवालों के बेझिझक और प्रेरणाप्रद उत्तर दिए।
आरंग के फेलो हर्षवर्धन ने जब मुख्यमंत्री से उनके ग्राम बगिया के पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने के सफर की सबसे महत्वपूर्ण सीख पूछी, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने राजनीतिक और पारिवारिक संघर्षों को साझा करते हुए कहा – “बहुत कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मैं पंच भी बनूंगा, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा से निभाया।” उन्होंने आगे कहा – “ईमानदारी और निष्ठा से जब कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। मैंने कभी कर्तव्यपथ नहीं छोड़ा, और जनसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। जनता ने मुझे पंच, सरपंच, विधायक, सांसद, राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री तक का दायित्व सौंपा।”
बिलासपुर के फेलो मनु पांडेय ने जब यह पूछा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने में छत्तीसगढ़ की क्या भूमिका होगी, तो मुख्यमंत्री ने बताया –
“प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसमें छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2014 से पहले भारत अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। वर्तमान में हमारी जीएसडीपी 5 लाख करोड़ रुपये है, जिसे 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह लक्ष्य कोई कल्पना नहीं, बल्कि एक ठोस योजना है, जिसे हम अवश्य प्राप्त करेंगे।

