PTV BHARAT 03 OCT 2025 रायपुर नई दिल्ली। राजस्थान और मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत से जुड़े कफ सिरप के सैंपल में किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले कोई टॉक्सिन नहीं मिला है। यह जानकारी शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, द सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन सहित अन्य एजेंसियों ने बच्चों की मौत की खबर के बाद मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से कफ सिरप के सैंपल कलेक्ट किए। हालांकि जांच में पता चला कि किसी भी सेंपल में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल नहीं था। राज्य के अधिकारियों ने भी इन तीनों दूषित पदार्थों की अनुपस्थिति की पुष्टि के लिए नमूनों का परीक्षण किया।दो साल से कम उम्र के बच्चों को ना दे सर्दी–खांसी की दवा‘ हालांकि, केंद्र ने बच्चों के लिए कफ सिरप के उपयोग को सीमित करने के लिए एक सलाह दी है। विशेष रूप से, डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस ने कहा है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और सर्दी की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए और आमतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी ये दवाएं सही नहीं हैं।
2 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दें कफ सिरप
