PTV BHARAT 15 NOVEMBER 2025 जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आज केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू रायपुर स्थित एकलव्य प्रयास आवासीय विद्यालय पहुँचे। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने छात्रों द्वारा जनजातीय नायकों और नायिकाओं पर तैयार की गई आकर्षक रंगोलियों का अवलोकन किया और उनकी सृजनात्मक प्रतिभा की सराहना की। इस अवसर पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) तथा संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) में चयनित जनजातीय विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।राज्यमंत्री श्री साहू ने विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जनजातीय गौरव दिवस पर दिया गया राष्ट्रीय संबोधन वर्चुअल माध्यम से सुना, जिसमें प्रधानमंत्री ने वीर नारायण सिंह के अप्रतिम शौर्य तथा जनजातीय संग्रहालयों की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख किया।अपने संबोधन में साहू ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास, परंपरा, संस्कृति और ज्ञान भारतीय सभ्यता की जड़ों में बसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि “प्रकृति के साथ सामंजस्य, श्रम को पूजा मानना, तथा धरती को माता रूप में पूजना — ये मूल्य हमें जनजातीय समाज से प्राप्त हुए हैं। यह समाज केवल परंपरा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।”साहू ने विभिन्न जनजातीय नायकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध सबसे प्रखर आवाजें वनों और पहाड़ों से उठीं। उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा और उनके ‘उलगुलान’ आंदोलन, शहीद वीर नारायण सिंह (1857 का विद्रोह), वीर गुंडाधुर (1910 का भूतान आंदोलन), तिलका मांझी, सिदो–कान्हू, कोया–कोल आंदोलन, मानगढ़ के बलिदान तथा रानी गाइदिन्ल्यू जैसे जनजातीय महानायक–महानायिकाओं को स्मरण किया।
जनजातीय परंपरा ही भारत की आत्मा — केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू
