PTV BHARAT 14 FEB 2026 रायपुर । मानव केंद्रित डिजाइन से बने योजना से ही समग्र विकास की नींव तैयार होगी। किसी भी योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए यह आवश्यक है कि हम लाभार्थी के व्यवहार का आंकलन करें ताकि बेहतर परिणाम मिले। उक्त जानकारी अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज, एन आई टी – बी आई यू और थिंक सो प्लेटफॉर्म के तत्वावधान में एन आई टी में ” CSR Project in CSR lens” विषय पर आयोजित प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए यूनिसेफ एस बी सी स्पेशलिस्ट अभिषेक सिंह नें कही।
उन्होंने व्यवहार विज्ञान पर बात करते हुए कहा कि एक व्यक्ति के व्यवहार को इस प्रकार समझना होगा कि कोई व्यक्ति क्या करता है और क्यों करता है। उन्होंने प्रत्येक के व्यक्ति के बायस (पूर्वाग्रह) के तकनीकि पक्ष को समझाया और कहा कि प्रोजेक्ट बनानेवाला और लाभार्थी दोनों इस पूर्वाग्रह का शिकार है।
मानव केंद्रित डिजाइन के योजना निर्माण की बारीकियों को समझाते हुए उन्होंने EAST फ्रेमवर्क, COM-B Model, NUDGING with MINDSPACE को अपनाने की वकालत की।
प्रशिक्षण के एक सत्र में सीएसआर अधिकारियों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए पूछा कि अपने चालित प्रोजेक्ट में उक्त मॉडल को उक्त मॉडल के अनुरूप ढालने पर चर्चा – परिचर्चा हुई।
इसमें आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया कि अपने आगामी बजट का अधिकतम 25 प्रतिशत HCD संबंधित प्रोजेक्ट पर खर्च करना, सी एस आर प्रोफेशनल तैयार करना, तिमाही प्रशिक्षण और कार्ययोजना निर्माण, कंपनियों द्वारा इस प्रकार के अध्ययन संबंधी कार्य का आयोजन कराया जाएगा।
इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि यूनिसेफ एसबीसी स्पेशलिस्ट अभिषेक सिंह, अतिथि बीआईयू टीम लीड तथा NIT प्रोफेसर डॉ श्रीकांत तराई और अतिथि डॉ दिलीप सिसोदिया (हेड, कंप्यूटर साइंस, NIT) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर की।
कार्यशाला की प्रस्तावना अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के राज्य नोडल मनीष सिंह ने रखी। कार्यक्रम की तकनीकि व्यवस्था अलायंस और सर्वहितम के राज्य समन्वयक राघवेंद्र कुमार ने किया।
मौके पर सीएसआर अधिकारी, सी एस आर प्रोफेशनल, एनजीओ, कॉलेज प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट मौजूद थे।
मानव केंद्रित डिजाइन से बने सीएसआर योजना से होगा समग्र विकास : अभिषेक सिंह
