छत्तीसगढ़ क्रिश्चन फोरम के अध्यक्ष अरूण पन्ना लाल ने गांव में पादरियों के प्रवेश पर रोक और धर्मांतरण विधेयक पर ली पत्रकार वार्ता

PTV BHARAT 09 MARCH 2026 छत्तीसगढ़ क्रिश्चन फोरम के अध्यक्ष अरूणपन्ना लाल ने रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता लेकर कहा कि   बस्तर क्षेत्र में पलेक्स बोर्ड द्वारा ईसाईयों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जा रहा है उन्होने कहा कि  उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा ” सुप्रीम कोर्ट द्वारा ग्राम सभाओं के पक्ष में फैसला आया है..” यह गलत और गैर-जिम्मेदाराना जानकारी है। फलस्वरूप ईसाइयों का घर बलपूर्वक खाली करवा के जंगलों में भगाया जा रहा रहा है। यहां तक शव का अंतिम संस्कार और दफन कहीं भी नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी अस्पताल और मरच्युरी में लाश छोड़ने मजबूर हो गए हैं।हाईकोर्ट का मानना है की याचिकाकर्ता पहले ग्राम सभा या एसडीएम से राहत मांगे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से मना कर दिया है। आदेश की अनुवादित प्रतिलिपि संलग्न है। सुप्रीम कोर्ट डबल बेंच के आदेश में जस्टिस नागरत्ना ने (Dignity in death) मौत में मानवीय सम्मान बनाए रखने के आदेश का पालन छत्तीसगढ़ शासन नहीं कर रही है। सरगुजा और अबिकापुर क्षेत्रों में ऐसे कई गांव है जहा ईसाई समाज बहुमत में है। वहा हिन्दू धर्मावलंबीयो के प्रवेश रोकने बोर्ड लगाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। आपसी समाजिक तनाव बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ क्रीश्चयन फोरम का आग्रह है की गृहमंत्रालय सही बयान जारी करें। समाजिक सौहार्द बना रहे, और सुप्रीम कोर्ट की अवमानना ना हो।

छत्तीसगढ़ क्रिश्चन फोरम के महासचिव अंकुश बरिएकर ने कहा कि धर्मांतरण विधेयक से ईसाई समाज को आपत्ती नहीं है, अवैध धर्मांतरण नहीं होता है। आजादी से आज तक अवैध धर्मातरण का एक भी दोष सिद्ध नहीं हुआ है।धर्मातरण के झूठे आरोप लगा और घर वापसी के नाम पर आदीवासीयों को हिन्दू बनाया जाता है। हिन्दू धर्म अपनाने को भी धर्मातरण विधेयक के दायरे में लाया जाए। सविधान में स्थापित समानता का मूल अधिकार सुरक्षित रहे।

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