PTV BHARAT 19 MAY 2026 बस्तर – केंद्र सरकार और राज्य सरकार की संयुक्त नीति से बस्तर संभाग में माओवाद मुक्त होने के बाद अब विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। वर्षों तक दहशत और असुरक्षा के कारण जहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार बाधित रहा, वहीं अब दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। केन्द्र और राज्य शासन द्वारा बस्तर संभाग के सभी जिलों में विशेष प्राथमिकता के साथ विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कोण्डागांव जिले के दूरस्थ गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने का कार्य तेजी से जारी है। जिसमें विशेष रूप से केशकाल और मर्दापाल क्षेत्र के वे गांव शामिल है, जहां कभी माओवादी गतिविधियों के कारण शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्य की पहुँच नही थी, अब वहाँ निर्माण गतिविधियों से विकास के द्वार खुल रहे हैं। जिले के दुरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने तथा गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत लगभग 103.60 किलोमीटर की 29 महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिसकी कुल लागत 78 करोड़ 24 लाख रुपए है। इसमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना परियोजना क्रियान्वयन इकाई कोण्डागांव अंतर्गत 19 सड़क कुल लंबाई 68.37 कि.मी. कुल लागत 50 करोड़ 27 लाख रूपये है।कार्यपालन अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से प्राप्त जानकारी के अनुसार केशकाल क्षेत्र में पीएमजीएसवाई-4 वर्ष 2025-26 अंतर्गत स्वीकृत 11 सड़कों की कुल लंबाई 39.23 किलोमीटर है। इनमें बावनमारी से बेडमामारी मार्ग, बटराली होनहेड़ आरडी से उपरचंदेली, होनहेड़ से घोडाझर, बिंझे से चिखलाडीही, कलेपाल से पराली, तोडासी से गादड़, रावबेड़ा से गिरगोली, कुवेमारी से भण्डारपाल, कुएंमारी से कुदारवाही तथा भण्डारपाल से मडगांव तक के सड़क मार्ग के अलावा फरसगांव क्षेत्र के पतोड़ा से कुम्हारपारा लंबाई 04 किलोमीटर शामिल हैं।
माओवाद से मुक्ति के बाद कोंडागांव में विकास को मिल रही नई रफ्तार
