रायपुर : खगपति ने बदला खेती का तरीका, पारंपरिक से आधुनिक कृषि अपनाकर की अपनी आय दोगुनी

PTV BHARAT 9 JULY 2026 रायपुर : खगपति ने बदला खेती का तरीका, पारंपरिक से आधुनिक कृषि अपनाकर की अपनी आय दोगुनी – छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के विकासखंड लोहण्डीगुड़ा के ग्राम साडरा निवासी 47 वर्षीय किसान खगपति आज क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। कभी केवल धान और वर्षा आधारित खेती पर निर्भर रहने वाले खगपति ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपनी ढाई हेक्टेयर कृषि भूमि की तस्वीर बदल दी।

पारंपरिक खेती से थी कम आमदनी
खगपति के पास पहले सिंचाई का कोई साधन नहीं था। वे केवल पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे। कम उत्पादन और अधिक लागत के कारण उनकी सालाना आय मुश्किल से 80 हजार 250 रुपये तक ही पहुंच पाती थी।

तकनीक और योजनाओं से आई तरक्की
खगपति के जीवन में बदलाव की शुरुआत कृषि विभाग की मदद से हुई। उनके खेत में नलकूप खनन और सोलर पंप लगाया गया, जिससे सिंचाई की समस्या दूर हुई। इसके साथ ही वे एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजना के तहत आयोजित प्रशिक्षण, भ्रमण और संगोष्ठियों से जुड़े। यहां उन्होंने फसल विविधीकरण, बेहतर प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

सालाना आय 1.5 लाख रुपये
पिछले तीन वर्षों से उन्नत तरीके से खेती कर रहे खगपति की मेहनत रंग लाई। अब उनकी सालाना आय 1.5 लाख रुपये से अधिक हो गई है। यानी उनकी आय लगभग दोगुनी हो चुकी है।

गांव के लिए बने प्रेरणा
खगपति अब केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गए हैं। वे अन्य किसानों को भी धान के साथ वैकल्पिक फसलें लेने और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

कृषक उन्नति योजना का लाभ लें
कृषि विभाग के उप संचालक ने किसानों से अपील की है कि वे कृषक उन्नति योजना का लाभ लें। इस योजना के तहत यदि कोई किसान पिछले वर्ष धान वाले खसरे में इस बार वैकल्पिक फसल लगाता है, तो उसे 15 हजार रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इच्छुक किसान अपने क्षेत्र के मैदानी कृषि अधिकारी या स्थानीय सहकारी समिति (लैम्प्स) में जाकर पंजीयन करा सकते हैं।

उन्नत तकनीक से खेती मुनाफे का व्यवसाय
खगपति का कहना है कि सही समय पर सही तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर खेती को भी मुनाफे का व्यवसाय बनाया जा सकता है।

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