PTV BHARAT 9 JULY 2026 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य श्रम संहिता नियमों संबंधी बैठक सम्पन्न – मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य श्रम संहिता नियमों संबंधी बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य श्रम संहिता नियमों की अधिसूचना की स्थिति तथा श्रम विभाग द्वारा केंद्र के औद्योगिक संबंध (छत्तीसगढ़) नियम 2026 के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने श्रम विभाग के अधिकारियों को संहिता के अंतर्गत राज्य नियमों को शीघ्र अधिसूचित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय पोर्टल में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में संयुक्त सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों के स्थान पर चार श्रम संहिताएं—मजदूरी संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता तथा उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता—लागू की गई हैं। इन संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नियोजकों पर विभिन्न श्रम कानूनों के अनुपालन का भार कम होगा। अलग-अलग पंजीयन, अनुज्ञप्ति और अभिलेखों के स्थान पर एकल पंजीयन, कॉमन एवं एकल अनुज्ञप्ति तथा अभिलेखों के संधारण की सुविधा उपलब्ध होगी।
संहिताओं के अंतर्गत श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा तथा संगठित एवं असंगठित क्षेत्र में कार्यरत सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी औद्योगिक संस्थान में श्रमिकों को हड़ताल से कम से कम 14 दिन पूर्व लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। जिन संस्थानों में 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां शिकायत निवारण समिति का गठन अनिवार्य होगा तथा समिति में महिला कामगारों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इसी प्रकार 300 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली इकाइयों को छंटनी या इकाई बंद करने से पहले सरकार की अनुमति लेनी होगी। ट्रेड यूनियनों का पंजीयन ऑनलाइन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि चारों नए श्रम कोड 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू किए जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ में भी इनके अनुरूप नियम बनाकर औद्योगिक विवादों का डिजिटल माध्यम से निपटारा तथा कार्यस्थलों पर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे उद्योगों और श्रमिकों दोनों को लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव ने चारों श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी श्रम विभाग के अधिकारियों से ली। इस संबंध में श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने बताया कि मजदूरी संहिता एवं औद्योगिक संबंध संहिता के छत्तीसगढ़ नियम दावा-आपत्ति के निराकरण के बाद अंतिम प्रकाशन हेतु विधि विभाग को परिमार्जन के लिए भेज दिए गए हैं। वहीं सामाजिक सुरक्षा संहिता एवं उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता के अंतिम प्रारूप भी तैयार कर लिए गए हैं। चारों संहिताओं के नियम शीघ्र ही अधिसूचित किए जाएंगे।

