रायपुर : आपदा में पति को खोने वाली चैती का सहारा बना प्रशासन

PTV BHARAT 14 JULY 2026 रायपुर : आपदा में पति को खोने वाली चैती का सहारा बना प्रशासन – जीवन में कभी-कभी ऐसी अप्रत्याशित विपत्ति आ जाती है जो एक पल में पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। बस्तर जिले के बास्तानार विकासखण्ड के ग्राम सागवेल की निवासी चैती के साथ भी ऐसा ही दुःखद हादसा हुआ, जब मकान गिरने की दुर्घटना में उनके पति महरू की असामयिक मृत्यु हो गई। इस हादसे ने जहाँ चैती को गहरे सदमे में धकेल दिया, वहीं परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट भी खड़ा हो गया। विपत्ति की इस घड़ी में बस्तर जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए पीड़ित परिवार को त्वरित राहत और न्याय पहुँचाया।

प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए घर पहुँचकर दी तात्कालिक सहायता

हादसे की जानकारी मिलते ही तत्कालीन कलेक्टर के मार्गदर्शन में एसडीएम तोकापाल शंकर लाल सिन्हा स्वयं ग्राम सागवेल स्थित पीड़ित परिवार के घर पहुँचे। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए राजस्व पुस्तक परिपत्र (6)(4) के तहत पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए गए, ताकि वे अपनी तत्काल आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।

वन विभाग की ओर से तुरंत 50 बांस और 30 बल्लियाँ उपलब्ध कराई गईं। मकान क्षति के मुआवजे के रूप में आरबीसी 6(4) के तहत राजस्व विभाग द्वारा अलग से 1 लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत कर प्रदान किए गए।

स्वीकृत हुआ आपदा राहत प्रकरण, मिली 4 लाख की राशि

इसके बाद स्थानीय तहसीलदार और पटवारी ने मौके पर पहुँचकर सभी आवश्यक राजस्व औपचारिकताएँ और कागजी कार्रवाई तेजी से पूरी की। प्रशासन की तत्परता के चलते आपदा राहत प्रकरण कम समय में स्वीकृत हो गया और चैती को 4 लाख रुपये की आपदा राहत राशि प्रदान की गई। इस आर्थिक सहायता से परिवार को कठिन परिस्थितियों में आजीविका चलाने के लिए बड़ा सहारा मिला।

प्रभावित ग्रामीण चैती ने कहा कि मकान गिरने से पति की मृत्यु के बाद उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे जीवन कैसे चलेगा। लेकिन प्रशासन ने उनकी पीड़ा को समझा। एसडीएम स्वयं घर आए, तत्काल सहायता उपलब्ध कराई, मकान क्षति का मुआवजा दिलाया, वन विभाग से बांस-बल्ली उपलब्ध कराई और शीघ्र ही 4 लाख रुपये की राहत राशि भी मिल गई। उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल

बस्तर जिला प्रशासन द्वारा संकट के समय दिखाई गई यह तत्परता और संवेदनशीलता इस बात का उदाहरण है कि सरकार कठिन परिस्थितियों में नागरिकों के साथ खड़ी है। प्रशासनिक सहयोग की इस त्वरित पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

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