सूरजपुर : बायोगैस संयंत्र, आंगनबाड़ी भवन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई एवं फीकल स्लज प्रबंधन इकाई के कार्यों का लिया जायजा

PTV BHARAT 16 JULY 2026 सूरजपुर : बायोगैस संयंत्र, आंगनबाड़ी भवन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई एवं फीकल स्लज प्रबंधन इकाई के कार्यों का लिया जायजा – पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सूरजपुर विजेन्द्र सिंह पटले ने जनपद पंचायत रामानुजनगर के ग्राम पंचायत मदनेश्वरपुर, तेलईमुड़ा एवं पास्ता में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और क्रियाशीलता का जायजा लेते हुए हितग्राहियों से संवाद किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में सबसे पहले ग्राम पंचायत मदनेश्वरपुर में निर्मित बायोगैस संयंत्र का अवलोकन किया गया। हितग्राहियों से चर्चा के दौरान उन्होंने सचिव एवं माध्यमिक शाला के प्राचार्य को मध्याह्न भोजन तैयार करने में बायोगैस का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि स्वच्छ ऊर्जा का प्रभावी उपयोग हो सके।

इसके बाद ग्राम पंचायत तेलईमुड़ा में बायोगैस संयंत्र का निरीक्षण कर उसे निरंतर संचालित रखने के संबंध में हितग्राहियों से चर्चा की गई। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत प्रत्येक घर में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा उसे स्वच्छाग्राहियों को सौंपने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने पर बल दिया।

ग्राम पंचायत पास्ता में निरीक्षण के दौरान बायोगैस संयंत्र के कुछ हितग्राहियों के कनेक्शन पाइप क्षतिग्रस्त पाए गए, जिन्हें शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आंगनबाड़ी के बच्चों, सहायिका, पोषण आहार, पोषण ट्रैकर तथा साफ-सफाई की व्यवस्था की भी समीक्षा की और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

रीपा परिसर में संचालित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई के निरीक्षण के दौरान स्वच्छाग्राहियों से प्लास्टिक श्रेडिंग, अन्य लिंक ग्राम पंचायतों से प्राप्त होने वाले कचरे तथा उसके निपटान की व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के अंत में निर्माणाधीन फीकल स्लज प्रबंधन इकाई का अवलोकन कर कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा तथा पोषण से जुड़ी ये इकाइयाँ ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं ग्रामीणों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने तथा गाँवों को स्वच्छ, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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