PTV BHARAT 1 AUGUST 2026 रायपुर : स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने सूरजपुर में व्यापक अभियान – प्रदेश में स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़कर जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में सूरजपुर जिले में व्यापक स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर रेना जमील के निर्देश में स्वच्छता ही सेवा अभियान, सामूहिक श्रमदान और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की गतिविधियां एक साथ संचालित की जा रही हैं।
अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत ओड़गी और रामानुजनगर की सभी ग्राम पंचायतों में सामूहिक श्रमदान किया गया। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, स्वच्छता कर्मियों और ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए स्कूल भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों तथा अन्य शासकीय परिसरों की साफ-सफाई की। सामूहिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण का संदेश भी दिया गया।
इसी क्रम में जनपद पंचायत ओड़गी और रामानुजनगर के कार्यालय परिसरों तथा आसपास के सार्वजनिक स्थलों में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रमदान कर कचरा एकत्रित किया और उसके समुचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की। इस दौरान लोगों से घर, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने तथा कचरे के उचित प्रबंधन की अपील की गई।
सूरजपुर जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान प्रारंभ किया गया है। प्रथम चरण में 58 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है, जहां स्वच्छता दीदियां और पंचायत सचिव घर-घर पहुंचकर चार रंग के डस्टबिन के उपयोग तथा स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण की जानकारी दे रहे हैं। नियमों के अनुसार नीले डस्टबिन में सूखा कचरा जैसे कागज, प्लास्टिक, कपड़ा, कांच और धातु, हरे डस्टबिन में गीला कचरा जैसे सब्जी एवं फल के छिलके, बचा भोजन, चाय पत्ती और फूल-पत्तियां, लाल डस्टबिन में सेनेटरी अपशिष्ट जैसे सेनेटरी पैड, डायपर, मास्क, बैंडेज और सुई तथा काले डस्टबिन में विशेष एवं हानिकारक कचरा जैसे बैटरी, बल्ब, पेंट, कीटनाशक और एक्सपायरी दवाइयां एकत्र करने की जानकारी दी जा रही है।
जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले ने बताया कि प्रत्येक परिवार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए चार रंग के डस्टबिन की व्यवस्था आवश्यक होगी। ग्राम पंचायतों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है तथा स्कूलों में गठित क्लबों द्वारा स्वच्छता एवं कचरा पृथक्करण संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि मिश्रित कचरा देने वाले परिवारों के विरुद्ध ग्राम पंचायतों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कचरा संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों में व्यवहार परिवर्तन लाकर स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत बनाना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अभियान अन्य विकासखंडों में भी चरणबद्ध रूप से संचालित किए जाएंगे, ताकि जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को और गति मिल सके।

