PTV BHARAT 05 AUGUST 2026 – रायपुर : मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक 05 अगस्त 2026 – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –
1. छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ को मंजूरी दी है। इस मिशन का उद्देश्य राज्य में सुशासन, नई तकनीक, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। यह मिशन पांच वर्षों के लिए होगा, जिस पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस मिशन के तहत 100 AI डेटा लैब बनाई जाएंगी, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी, छह लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन के कार्यों को आसान और तेज बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।
यह मिशन भारत सरकार के IndiaAI Mission के अनुरूप छत्तीसगढ़ को उत्तरदायी, नवाचार-आधारित और भविष्य उन्मुख डिजिटल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
2. BEML के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना के लिए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। BEML भारत सरकार का एक प्रतिष्ठित मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम है।
यह राज्य का पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग उद्योग होगा। इससे बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ विनिर्माण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा।
3. लोक निर्माण विभाग में WAMIS प्रणाली लागू होगी
मंत्रिपरिषद ने लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू करने के प्रथम चरण को मंजूरी दी है।
सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन तथा गुणवत्ता की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, रियल-टाइम निगरानी और भुगतान प्रक्रिया में तेजी आएगी।
4. मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी है।
संशोधनों के तहत ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण तथा सड़क निर्माण से पहले मनरेगा से मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। योजना का दायरा बढ़ाकर ऐसे सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल किया गया है जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा अन्य योजनाओं में शामिल नहीं हैं। आवश्यकता अनुसार नाबार्ड ऋण, पर्यावरण एवं अधोसंरचना विकास मद, खनिज न्यास मद सहित अन्य स्रोतों से भी वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
5. ADB की 15 करोड़ रुपये की अनुदान आधारित तकनीकी सहायता परियोजना को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से ‘Anjor LIGHT (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)’ परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्णतः अनुदान प्राप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
यह परियोजना एक दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक चलेगी। इसके तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को मजबूत करना, PPP इकोसिस्टम विकसित करना, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा देना, सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता सुधारना तथा क्लाइमेट-रेजिलिएंट परियोजनाओं का विकास किया जाएगा। परियोजना पूरी तरह अनुदान आधारित होगी, जिससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
6. राज्य योजनाओं के लिए S-SNA मॉडल लागू होगा
मंत्रिपरिषद ने राज्य योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
नई व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि विभिन्न खातों में निष्क्रिय रहने के बजाय एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से आवश्यकता अनुसार सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को भुगतान की जाएगी। इससे रियल-टाइम निगरानी, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी तथा निष्क्रिय राशि, गबन और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
7. CSPGCL को 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी करने की मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इस निर्णय से कंपनी के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प उपलब्ध होंगे, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य की विद्युत अवसंरचना के विकास को गति मिलेगी। इसके लिए राज्य शासन मूलधन एवं ब्याज के भुगतान पर गारंटी प्रदान करेगा तथा प्रत्याभूति शुल्क में छूट भी देगा।

