महासमुंद : टेंट हाउस और मछली पालन से बढ़ी आमदनी, बिहान से जुड़कर लखपति दीदी बनीं कुन्ती निषाद

PTV BHARAT 19 SEPTEMBER 2026 – महासमुंद : टेंट हाउस और मछली पालन से बढ़ी आमदनी, बिहान से जुड़कर लखपति दीदी बनीं कुन्ती निषाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के दौरान आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण को निरंतर प्राथमिकता दी गई है। इसी भावना को साकार करते हुए ग्रामीण महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों से जुड़कर अपने हुनर और मेहनत को आजीविका का आधार बना रही हैं। महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम पुरुषोत्तमपुर की कुन्ती निषाद का जीवन इसी बदलाव की कहानी है। उन्होंने बिहान योजना से जुड़कर कृषि मजदूरी के साथ टेंट हाउस, कैटरिंग और मछली पालन को अपनी आय का साधन बनाया और परिवार की वार्षिक आय को मजबूत करते हुए लखपति दीदी बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह में कुल 10 सदस्य हैं। समूह को आरएफ के रूप में 15 हजार रुपये तथा सीआईएफ के रूप में 60 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई है। वहीं, बैंक लिंकेज के माध्यम से तृतीय किस्त में 3 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह की अध्यक्ष मानकी सिदार और सचिव चन्द्रिका साहू के मार्गदर्शन में समूह की महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

कुन्ती निषाद बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कृषि कार्य के साथ टेंट हाउस एवं कैटरिंग का कार्य प्रारंभ किया। इसके साथ ही मछली पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों से भी आय अर्जित होने लगी। वर्तमान में कृषि कार्य से लगभग 1 लाख 75 हजार रुपये तथा टेंट हाउस एवं कैटरिंग से लगभग 1 लाख 14 हजार रुपये की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार परिवार की कुल वार्षिक आय लगभग 2 लाख 89 हजार रुपये तक पहुंच गई है।

बढ़ती आमदनी और व्यवसाय के विस्तार को देखते हुए समूह ने टेंट का सामान लाने-ले जाने में सुविधा के लिए ट्रैक्टर खरीदने का निर्णय लिया। समूह में प्रस्ताव पारित कर 2.50 लाख रुपये में पुराना ट्रैक्टर खरीदा गया। इससे टेंट हाउस के व्यवसाय को विस्तार देने के साथ परिवहन की समस्या भी दूर हुई और आय के नए अवसर बने।

कुन्ती निषाद कहती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद हमारी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। समूह के माध्यम से हमें आगे बढ़ने का अवसर मिला। टेंट हाउस, कैटरिंग और मछली पालन जैसी गतिविधियों से हमारी आमदनी बढ़ी है। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए समूह ने हृदय से आभार व्यक्त किया है।

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