अम्बिकापुर : सेवा संकल्प द्वारा बने पक्के घर से बदली पहाड़ी कोरवा परिवारों की जिंदगी

PTV BHARAT 19 SEPTEMBER – अम्बिकापुर : सेवा संकल्प द्वारा बने पक्के घर से बदली पहाड़ी कोरवा परिवारों की जिंदगी

छत्तीसगढ़ शासन के सेवा संकल्प और बदलाव के कारण कच्चे घर, मौसम की मार और सुरक्षित आवास की चिंता अब बीते दिनों की बात हो गई है। पीएम जनमन योजना ने कमजोर जनजातीय समूह के परिवारों के जीवन में बदलाव की नई राह खोली है। इसी बदलाव की तस्वीर ग्राम पंचायत केशमा (वन केशमा), जनपद पंचायत उदयपुर, जिला सरगुजा में देखने को मिल रही है, जहां पहाड़ी कोरवा परिवारों को पक्के आवास की सुविधा मिली है।

ग्राम के हुडकू राम/बिरझु और रतन साय/छन्दू के परिवारों का लंबे समय से सुरक्षित और पक्के घर का सपना था। पीएम जनमन योजना के माध्यम से दोनों परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध होने से उनकी वर्षों पुरानी चिंता दूर हुई है। पक्का घर मिलने के बाद परिवारों में खुशी का माहौल है।

मौसम की मार से मिली सुरक्षा

पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए बारिश, तेज हवा और ठंड जैसी मौसमी परिस्थितियां कच्चे मकानों में बड़ी परेशानी का कारण बनती हैं। अब पक्का आवास मिलने से इन परिवारों को बारिश में छत टपकने, दीवारों के कमजोर होने और मौसम से होने वाली परेशानियों से काफी हद तक सुरक्षा मिलेगी। बच्चों, बुजुर्गों और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा।

आवास के साथ बढ़ेगी जीवन की स्थिरता

पक्का घर केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं है, बल्कि यह परिवार के लिए सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान का आधार है। अब इन परिवारों को अपने घर को लेकर अनिश्चितता नहीं रहेगी। परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन पर अधिक ध्यान दे सकेंगे तथा बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

पीवीटीजी परिवारों के जीवन में बदलाव की नई शुरुआत

पीएम जनमन योजना का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। आवास जैसी बुनियादी सुविधा मिलने से ऐसे परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव की नींव मजबूत होती है।

हुडकू राम और रतन साय के परिवारों के लिए पक्का आवास उनके जीवन में सुरक्षित आशियाने से आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का नया अवसर लेकर आया है। कभी मौसम की चिंता में गुजरने वाले दिन अब सुरक्षित छत के नीचे सुकून के साथ बिताए जा सकेंगे।

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