PTV BHARAT 09 OCTOBER 2026 – रायपुर : युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर – छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा औद्योगिक एवं प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू), नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत और प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
चार संस्थाओं के साथ एमओयू से मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण – दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला-2026 के समापन अवसर पर युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से चार संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की गई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उन्हें आधुनिक तकनीक और उद्योगों में उपयोग होने वाले व्यावहारिक कौशल की जानकारी मिलेगी।
अडानी समूह के सहयोग से आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। वहीं, नांदी फाउंडेशन के माध्यम से सॉफ्ट स्किल, अंग्रेजी संवाद कौशल, साक्षात्कार की तैयारी और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले वर्ष इस संस्था के माध्यम से छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया था। इस वर्ष भी आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं कौशल विकास से जुड़े विद्यार्थियों को लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त जंगल सफारी में विभिन्न ट्रेडों से संबंधित कौशल प्रशिक्षण के लिए भी संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की जा रही है।
पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर – प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। इसमें शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, अधोसंरचना और अन्य सुविधाओं का आकलन किया गया। रोजगार मेले के समापन समारोह में मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित अन्य अतिथियों ने किया। रिपोर्ट में संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने और प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के सुझाव दिए गए हैं। इनके आधार पर पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के विकास एवं आधुनिकीकरण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
आईटीआई और पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे आधुनिक पाठ्यक्रम – राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक से संबंधित पाठ्यक्रम शामिल किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक दक्षता प्राप्त होगी तथा रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट बनाने की तैयारी – कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके माध्यम से उद्योगों की आवश्यकताओं, उपलब्ध रिक्त पदों और रोजगार के इच्छुक युवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जबकि उद्योग एवं नियोजक संस्थाएं अपनी जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगी।
राज्य सरकार की इन पहलों से तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के साथ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। आधुनिक पाठ्यक्रमों, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय और डिजिटल रोजगार सेवाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

