PTV BHARAT 15 OCTOBER 2026 – बलौदाबाजार : महतारी वंदन योजना की राशि से पुन्नी ध्रुव की दुकान को मिला आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहयोगी साबित हो रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार की आय में भी योगदान दे रही हैं। बलौदाबाजार जिले के ग्राम पनगांव की निवासी पुन्नी ध्रुव की छोटी-सी दुकान इसकी एक मिसाल है।
नियमित सहायता से दुकान में सामान जुटाना हुआ आसान
पुन्नी ध्रुव घर पर ही छोटी-सी दुकान चलाती हैं। दुकान से होने वाली आमदनी परिवार के खर्चों में मदद करती है। पहले आर्थिक तंगी के कारण दुकान के लिए पर्याप्त सामान जुटाना उनके लिए मुश्किल होता था। कई बार उन्हें उधार लेकर सामान लाना पड़ता था।
महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि से अब उन्हें दुकान में सामान भरने में मदद मिल रही है। पुन्नी ध्रुव के अनुसार, इस राशि से दुकान की जरूरतें पूरी करने में सहूलियत हुई है और बार-बार उधार लेने की परेशानी भी कम हुई है। योजना की सहायता उनके छोटे व्यवसाय को चलाने और परिवार की आवश्यकताओं में योगदान देने में उपयोगी साबित हो रही है।
‘विष्णु भैया’ कहकर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
योजना से मिले सहयोग के लिए पुन्नी ध्रुव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आत्मीयता से मुख्यमंत्री को ‘विष्णु भैया’ कहकर धन्यवाद दिया। उनके अनुसार, यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और परिवार की जिम्मेदारियां निभाने का संबल भी है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान देने में मदद कर रही है।
32 किस्तों में 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता वितरित
प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रभावी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। योजना की शुरुआत से अब तक माताओं-बहनों को 32 किस्तों में 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

