धमतरी : स्वामित्व योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई उड़ान, धमतरी जिला बना राज्य में मिसाल

PTV BHARAT 17 OCTOBER 2026 – धमतरी : स्वामित्व योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई उड़ान, धमतरी जिला बना राज्य में मिसाल

धमतरी जिले में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अंचलों में आर्थिक सशक्तीकरण के नए अवसर विकसित हो रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत इस पहल के तहत जिले में लगभग 78 हजार अधिकार अभिलेखों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक 54 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति के अधिकार अभिलेख सौंपे जा चुके हैं। शेष अभिलेखों का वितरण आगामी एक माह में पूरा करने का लक्ष्य है।

ग्रामीणों को आवासीय संपत्ति का विधिक अधिकार

स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में आवासीय संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र परिवारों को उनकी जमीन का विधिक अधिकार-पत्र उपलब्ध कराना है। इससे न केवल संपत्ति पर उनके अधिकारों को मजबूती मिलती है, बल्कि संपत्ति का उपयोग आर्थिक उन्नति के साधन के रूप में करने के नए अवसर भी मिलते हैं।

संपत्ति का वैधानिक अधिकार और वित्तीय आत्मनिर्भरता

प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से ग्रामीण परिवारों को बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने में सहायता मिल रही है। इससे वे आवास निर्माण, मरम्मत और स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को आगे बढ़ा पा रहे हैं।

मड़ईभाटा के देवेंद्र देवांगन बने स्वरोजगार की मिसाल

इसका प्रेरक उदाहरण धमतरी जिले के ग्राम मड़ईभाटा के लघु कृषक देवेंद्र देवांगन हैं। उन्हें 17 मई 2025 को स्वामित्व योजना के तहत अपना प्रॉपर्टी कार्ड प्राप्त हुआ था। इस विधिक अभिलेख के आधार पर उन्होंने आईडीएफसी बैंक से 14.75 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया और अपने गांव में ही ‘देवांगन टेलर्स एंड रेडीमेड गारमेंट्स’ के नाम से अपनी दुकान शुरू की।

देवेंद्र देवांगन की यह सफलता अन्य ग्रामीणों के लिए भी प्रेरणा बन गई है। यह उदाहरण दर्शाता है कि संपत्ति के स्पष्ट और वैध दस्तावेज ग्रामीणों के लिए आजीविका तथा स्वरोजगार के नए अवसर खोल सकते हैं।

वैध दस्तावेजों से स्वामित्व विवादों के समाधान में मिलेगी मदद

धमतरी जिले में स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल रही है। संपत्ति संबंधी वैध दस्तावेज उपलब्ध होने से भविष्य में स्वामित्व विवादों के समाधान में भी मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर, धमतरी में स्वामित्व योजना का क्रियान्वयन ग्रामीणों को संपत्ति के अधिकार से जोड़ने के साथ आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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