PTV BHARAT 23 OCTOBER 2026 – बलौदाबाजार : परंपरागत खेती छोड़ बीज उत्पादक बने किसान, आय में 75 प्रतिशत तक का इजाफा
बलौदाबाजार जिले के भाटापारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम ढाबाडीह के किसानों ने कृषि क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। परंपरागत खेती और बाजार की अनिश्चितताओं से आगे बढ़ते हुए यहां के किसानों ने उन्नत बीज उत्पादन को अपनाया है, जिससे उनकी आय में लगभग 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ग्राम ढाबाडीह के किसान रूपेन्द्र साहू, उमा साहू, राजाराम एक्का और प्रमिला साहू पहले परंपरागत तरीके से धान एवं सब्जियों की खेती करते थे। मौसम की मार और बाजार भाव में उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें अक्सर सीमित आय से ही संतोष करना पड़ता था। इस अनिश्चितता से निपटने के लिए किसानों ने उद्यान विभाग, भाटापारा के अधिकारियों से संपर्क किया।
विभाग के मार्गदर्शन में किसानों ने एक प्रमुख बीज कंपनी के साथ अनुबंध किया और सामूहिक रूप से 25 एकड़ रकबे में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन का कार्य शुरू किया। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को दो क्रॉप सोलर ड्रायर भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनकी मदद से बारिश के दौरान बीज सुखाने में सुविधा मिलेगी।
अनुबंध आधारित खेती से बाजार के जोखिम में कमी
बीज कंपनी के साथ अनुबंध होने के कारण फसलों के दाम पहले से तय रहते हैं, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम कम हुआ है। आधुनिक कृषि तकनीकों और सामूहिक खेती के कारण मजदूरी पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो गया है।
परंपरागत फसलों की तुलना में प्रति एकड़ शुद्ध आय में 75 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। पहले किसान 8 हेक्टेयर में सब्जियां और 2 हेक्टेयर में धान उगाते थे, जिससे प्रति एकड़ लगभग एक लाख रुपये का मुनाफा होता था। अब 9 हेक्टेयर में सब्जियों की खेती और बीज उत्पादन के माध्यम से प्रति एकड़ लगभग 1 लाख 75 हजार रुपये की बचत हो रही है।
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा
ढाबाडीह के किसानों की इस सफलता से आसपास के ग्रामीण और अन्य किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। अब वे भी परंपरागत खेती के स्थान पर आधुनिक बीज उत्पादन और अनुबंध आधारित कृषि अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। यह पहल किसानों के लिए आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में प्रेरणादायक साबित हो रही है।

