PTV BHARAT 30 OCTOBER 2026 – रायपुर : विशेष लेख सुशासन की मिसाल सीएम हेल्पलाइन, जनता की उम्मीदों पर खरी उतर रही डिजिटल पहल
लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि इसमें शासन और प्रशासन सीधे जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। सुशासन और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उठाया गया एक प्रभावी कदम सीएम हेल्पलाइन 1076 है। आज यह हेल्पलाइन राज्य के आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके माध्यम से घर बैठे ही उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और प्रशासनिक कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया है कि हेल्पलाइन का उद्देश्य केवल शिकायतों के आंकड़े कम करना या पोर्टल पर उन्हें बंद करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को वास्तविक और संतोषजनक समाधान दिलाना है।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश — संवेदनशीलता, समयबद्धता और समाधान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि उनकी अपेक्षा स्पष्ट है कि जनता को अपनी समस्या लेकर भटकना न पड़े। अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी अच्छा काम कर रहे हैं, जिनके परिश्रम की वे सराहना भी करते हैं। लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही से पूरे प्रशासन की छवि खराब हो, यह उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा, जहां कमी है वहां सुधार का अवसर दिया जाएगा और लगातार लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का मूल मंत्र संवेदनशीलता, समयबद्धता और समाधान होना चाहिए।
विस्तृत कार्यप्रणाली और अब तक के आंकड़े
छत्तीसगढ़ शासन के टोल-फ्री नंबर 1076 के माध्यम से नागरिक सरकारी सेवाओं और अपनी समस्याओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। यह कॉल सेंटर 24 घंटे और सातों दिन संचालित रहता है। राज्य शासन के 49 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी इससे जुड़े हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।
सीएम हेल्पलाइन 1076 पर अब तक 2 लाख 45 हजार 376 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 2 लाख 10 हजार 649 शिकायतों का सफल निराकरण किया जा चुका है। शेष 34 हजार 727 शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई जारी है। इस प्रकार अब तक प्राप्त कुल शिकायतों में से 85.85 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है।
किन विषयों पर की जा सकती है शिकायत?
सीएम हेल्पलाइन 1076 पर आम जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याएं दर्ज कराई जा सकती हैं। इनमें बिजली संबंधी समस्याएं, जैसे जला हुआ ट्रांसफार्मर न बदलना, बिजली कटौती या बिल में गड़बड़ी शामिल हैं। राजस्व से जुड़े मामलों में खाता विभाजन, नामांतरण एवं फौती, जमीन-जायदाद के विवाद और सीमांकन में देरी की शिकायत की जा सकती है।
इसके अलावा निवास एवं जाति प्रमाण पत्र जैसे शासकीय दस्तावेजों के आवेदन खारिज होने या उनमें देरी होने, थानेदार या तहसीलदार द्वारा सुनवाई नहीं करने अथवा रिपोर्ट दर्ज नहीं करने जैसी प्रशासनिक लापरवाही तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन कार्ड, पेयजल, सड़क और पेंशन संबंधी समस्याओं को भी हेल्पलाइन पर दर्ज कराया जा सकता है।
धरातल पर दिख रहा बदलाव — त्वरित समाधान के उदाहरण
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के कई उदाहरण सामने आए हैं।
पामगढ़ (जांजगीर-चांपा) के ग्राम भवतरा निवासी देवेंद्र दिनकर की राशन कार्ड संबंधी शिकायत प्राप्त होते ही त्रुटि में सुधार किया गया। इससे उनका कार्ड दोबारा सक्रिय हो गया और उन्हें नियमित राशन मिलने लगा।
दुर्गूकोंदल (कांकेर) के ग्राम पंचायत चिखली के आश्रित ग्राम हड़फड़ में क्रेडा विभाग ने कुछ ही घंटों के भीतर खराब सोलर पंप की मरम्मत कर दी। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के खनिज विभाग ने अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 8 ट्रैक्टर वाहन जब्त किए।
बसना (महासमुंद) के ग्राम केंवटापाली निवासी खिरोद कुमार साव की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) सब्सिडी से जुड़ी लंबित समस्या का परिवहन विभाग ने त्वरित समाधान कर राशि उपलब्ध कराई।
तपकरा (जशपुर) के बुजुर्ग त्रिपुरारी शर्मा की बंद हुई वृद्धावस्था पेंशन बहाल की गई। इसी क्षेत्र के ओम प्रकाश की शिकायत पर जल प्रदाय योजना के तहत नया मोटर स्थापित कर पेयजल आपूर्ति सुचारू की गई, जिससे 200 परिवारों को राहत मिली।
वहीं, सरगुजा जिले के ग्राम करिया की 12वीं की छात्रा आराधना सिंह के आधार कार्ड में जन्मतिथि में सुधार होने से उनकी उच्च शिक्षा की राह आसान हुई।
प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होती कड़ी
पहले आम नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान या योजनाओं का लाभ लेने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। सीएम हेल्पलाइन 1076 ने इस व्यवस्था को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब तकनीक के माध्यम से शासन सीधे जनता तक पहुंच रहा है। प्रत्येक शिकायत पर एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है और उच्च स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग से अधिकारियों की जवाबदेही तय होती है।
यह डिजिटल पहल समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के लिए संबल बन गई है। बुजुर्गों को समय पर पेंशन, किसानों को समस्याओं का समाधान और युवाओं को समय पर सहायता मिलना इस बात का प्रमाण है कि यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार के सबका साथ, सबका विकास और त्वरित समाधान के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

