PTV BHARAT 18 JAN 2025 नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने पुलिस आत्महत्या से जुड़े एक मामले पर सुनवाई करते हुए अहम टिप्पणी की है। अक्सर देखा जाता है कि आत्महत्या के मामले में पुलिस की ओर से धारा 306 लगा दी जाती है। एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये धारा केवल पीड़ित परिवार की भावनाओं को शांत करने के लिए इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि भारतीय दंड संहिता के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला मशीनी अंदाज में सिर्फ इसलिए नहीं बनाना चाहिए क्योंकि मृतक के परिवार के सदस्यों की भावनाओं को उससे राहत मिलती है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों को संवेदनशील बनाने की जरूरत है ताकि किसी व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपुष्ट अभियोजन के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाए।
केवल भावनाओं को शांत करने के लिए दर्ज न करें केस-SC
