अटलजी की सरकार में डॉ. अम्बेडकर को भारतरत्न का सम्मान दिया गया – लक्ष्मीकांत वाजपेयी

PYV BHARAT रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा है कि आगामी 13 अप्रैल से 25 अप्रैल तक भारतरत्न डॉ. बाबासाहब भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर पार्टी द्वारा आहूत कार्यक्रमों की श्रृंखला के मद्देनजर रखी गई राज्यस्तरीय कार्यशाला में प्रशिक्षित कार्यकर्ता जिलों में जाएंगे और जिलों में कार्यशाला करेंगे। श्री वाजपेयी शुक्रवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कार्यशाला और कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में विस्तार से बता रहे थे।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री वाजपेयी ने जयंती-कार्यक्रमों के बारे बताया कि आगामी 13 तारीख को हम पूरे प्रदेशभर में जगह-जगह स्थित डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा और प्रतिमा स्थल को हम स्वच्छ करेंगे। 13 तारीख की रात को ही मूर्ति स्थल पर दीपोत्सव करेंगे। 14 तारीख को डॉ. अंबेडकर की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया जाएगा। जहाँ प्रतिमाएँ नहीं है, वहां पर बूथ स्तर पर बाबासाहब का चित्र रखकर माल्यार्पण किया जाएगा। इसी दौरान संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी होगा। इसके बाद भाजपा के वक्ता कांग्रेस बनाम भाजपा और डॉ. अम्बेडकर के अपमान बनाम सम्मान विषय पर उपस्थित कार्यकर्ताओं व नागरिकों के बीच रखेंगे। 15 से 25 तक हम अनुसूचित बस्तियों में जाएंगे और वास्तविकता और यथार्थता के आधार पर जाएंगे और हर चौखट पर जाकर बताएंगे कि डॉ. बाबासाहब अंबेडकर का अपमान कांग्रेस ने क्यों किया और डॉ. अम्बेडकर का सम्मान भाजपा ने कैसे किया। कांग्रेस ने डॉ. अम्बेडकर का अपमान और भाजपा ने डॉ. अम्बेडकर का सम्मान करने के लिए क्या-क्या काम किया, यह बात हम हर अजा परिवार की चौखट तक पहुँचाएंगे। श्री वाजपेयी ने कहा कि इस दृष्टि यह भी तय हुआ है कि प्रत्येक जनपद से 25 लोगों का चयन होगा जो 5 – 5 अनुसूचित समाज के प्रमुख लोगों से सम्पर्क करेंगे। यह अनुसूचित क्षेत्र के लोग भाजपा कार्यकर्ता नहीं होंगे, गैर भाजपा लोगों के साथ मिलकर वार्ता करेंगे। बाबासाहब का अपमान और बाबासाहब का सम्मान अनुसूचित वर्ग के टीचर्स, प्रोफेसर्स, डॉक्टर, वकील, इन सभी के साथ कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो समाज का नेतृत्व करता होगा ऐसे लोगों को भी चयनित कर हम उनके दरवाजे तक जाएंगे।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री वाजपेयी ने कहा कि लोकसभा के चुनाव में एक लाल किताब दिखाकर संविधान का रक्षक होने करने का दावा कर कांग्रेस ने एक नैरेटिव सेट करने का भी काम किया था। आरक्षण खत्म कर देने का झूठ तक फैलाया। कांग्रेस खुद आरक्षण की घोर विरोधी है, जबकि भाजपा और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आरक्षण का समर्थन किया है। श्री वाजपेयी ने कांग्रेस द्वारा लगातार डॉ. अम्बेडकर के किए गए अपमानों की चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस ने बाबासाहेब को मुंबई प्रेसीडेंसी के चुनाव में हरवाया गया, संविधान सभा का चुनाव हरवाया गया, संविधान सभा का चुनाव हरवाने के बाद हिंदू महासभा के सदस्य द्वारा रिक्त किए स्थान पर अंबेडकर को भेजा गया। कांग्रेस तो बाबासाहब अंबेडकर को संविधान सभा की ड्राफ्ट कमेटी का चेयरमेन नहीं बनाना चाहती थी। लेकिन डॉ. अम्बेडकर चेयरमेन बने और भारत को उसकी माटी का यह संविधान मिला। इसी प्रकार 1952 के लोकसभा चुनाव में और 1954 में भण्डारा के उपचुनाव में कांग्रेस ने डॉ. अम्बेडकर को हरवाया। बाद में कांग्रेस ने डॉ. अम्बेडकर को हराने वाले प्रत्याशी को पद्मविभूषण से कांग्रेस सरकार ने सम्मानित किया। उस कांग्रेस से अजा वर्ग की समर्थक होने और डॉ. अम्बेडकर के प्रति सम्मान होने की कल्पना भी बेमानी है।

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