भोंगापाल में बनेगा छत्तीसगढ़ का प्रथम विशाल बुद्ध शांति पार्क

PTV BHARAT 28 MAY 2025 रायपुर। आज आयोजित पत्रकार वार्ता में भोंगापाल बुद्ध महोत्सव के टेकाम (विधायक-केशकाल) एवं संयोजक अनिल खोब्रागदे ने बताया कि आयोजक नीलकंठ छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मौजदूगी में आगामी दिनांक 01 जून 2025 को बस्तर संभाग के कोन्डागांव नारायणपुर जिले अंतर्गत आने वाले भोंगापाल में राज्य स्तरीय भोंगापाल बुद्ध महोत्सव का गरिमामय आयोजन होने जा रहा है।

छत्तीसगढ़ बस्तर में युद्ध नही बुद्ध की शांति के ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दृष्टिगत रखते हुए भोंगापाल बुद्ध महोत्सव के इस राज्य स्तरीय आयोजन में अद्भुत, अद्वितीय और अनुपम “बुद्ध शांति पार्क” निर्माण करने की भी पहल की जाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में महासमुंद जिले के सिरपुर में अंर्तराष्ट्रीय बौद्ध स्थल अपनी पूरी ऐतिहासिकला और समृद्ध पुरातात्विक विरासत के साथ मौजूद है। इसके पश्चात् छत्तीसगढ प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध स्थल बस्तर अंचल के भोंगापाल में है जहां पर पुरातात्विक ऐतिहासिक महत्व की बौद्ध कालीन अनेक मूर्तियां और अवशेष क्षेत्र में बिखरे हुए है। इसे संरक्षित और संवर्धित करने के लिए तथा श्रेष्ठ का पुरातत्व स्थल घोषित करने के लिए भोंगापाल बुद्ध महोत्सव आयोजन समिति केन्द्रीय पुरातत्व विभाग सहित छत्तीसगढ़ शासन व पुरातत्व विभाग को प्रस्ताव भेजेगी ।

भोंगापाल बुद्ध चैत्यगृह हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, भगवान बुद्ध आज और ज्यादा प्रासंगिक है। आदिकाल से ही भोंगापाल क्षेत्र का समृद्धशाली इतिहास रहा है। विश्व को प्रज्ञा, शील, करूणा एवं शांति का संदेश देने वाले भगवान गौतम बुद्ध आज भी प्रासंगिक है, बुद्ध ज्यादा ज्ञानी थे वैज्ञानिक थे। सभी लोगों के सहयोग से बुद्ध के इस प्रतिज्ञा स्थल चैत्य गृह भोगापाल को पुर्नजीवित करेंगे। सिरपुर, भोंगापाल जैसे अन्य क्षेत्रों की कलाकृति एवं निर्माण की अवधि एक समान है। हर काल एवं समय में अलग-अलग तकलीफ होती है, यह क्षेत्र हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, छठी शताब्दी में भी हमारे पूर्वज समृद्धशाली थे गौतम बुद्ध कहते हैं कि आज के बारे में सोचो, तृष्णा को पार करने से मोक्ष बन जाता है, 15 सौ साल पहले यह क्षेत्र बुद्धिजम का क्षेत्र रहा होगा, बस्तर वासियों का विचार बुद्ध के विचार से मिलता है।

विश्वस्तरीय इस बुद्ध शांति पार्क में इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर का निर्माण किया जायेगा। मेडिटेशन सेंटर के अलावा तुमर्रा नदी में रिवर फ्रंट को विकसित कर बहु औषधि पौधों का पार्क एवं योगा केन्द्र भी पर्यटकों के लिये बनाया जायेगा। बुद्ध शाति पार्क में एक लाईब्रेरी का निर्माण भी किया जायेगा जिससे शोध करने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।

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