PTV BHARAT 31 MAY 2025 रायपुर उत्तीसगढ़ के बालोद जिले की 17 वर्षीय किशोरी की 48 डिग्री तक झुकी रीढ़ (Spinal Deformity) को रायपुर स्थित काशी स्पाइन हॉस्पिटल शंकर नगर रोड में सफलतापूर्वक सीधा कर चिकित्सा के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया गया है। यह प्रदेश की पहली रीढ़ की सर्जरी थी, जिसे स्पाइनल नेविगेशन सिस्टम (Spinal Navigation System) के उपयोग से किया गया यह तकनीक अब तक केवल बड़े मेट्रो शहरों में उपलब्ध मानी जाती थी।इस दुर्लभ सर्जरी को हॉस्पिटल के निर्देशक एवं वरिष्ठ ऑर्थोस्पाइन सर्जन डॉ. विमल अग्रवाल ने अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि मरीज की रीढ़ अत्यधिक मुडी हुई थी, जिससे चलने-फिरने और सामान्य जीवन जीने में परेशानी हो रही थी। स्पाइनल नेविगेशन सिस्टम की मदद से ऑपरेशन को बेहद सटीकता और सुरक्षित ढंग से पूरा किया गया। यह उपलब्धि प्रदेशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। छत्तीसगढ़ के तमाम वरिष्ठ डॉक्टरों ने इस सर्जरी केस की प्रशंसा करते हुए इसे राज्य के लिए गर्व की बात बताया है।उनका कहना है कि अब मरीजों को मेट्रो शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं, क्योंकि छत्तीसगढ़ में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की लकनीक और विशेषज्ञता उपलब्ध है। बता दें की ये जटिल आपरेशन सात घंटे तक चला पत्रकार वार्ता में डाॅक्टरों ने कहा कि आम लोगो में ये मिथक फला हुआ है कि स्पाईन सर्जरी से पैरालिसिस हो जाता है जबकि एैसा नही है सही चिकित्सक से उपचार कराने पर स्पाईन से जुड़ी सभी बिमारियों से राहत पाई जा सकती है और काशी स्पाईन हास्प्टिल में सभी अनुभवी और काबिल चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे है । इस विशेष तकनीक की कीमत भी आम आदमी को धयन में रख कर तय की गई है। इस सफलता के साथ छतीसगढ़ ने स्वास्थ्य क्षेत्र में मध्यभारत ही नहीं पूरे भारत में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना ली है। काशी स्पाइन हॉस्पिटल अब रीढ की सभी जटिल बीमारियों और सर्जरी के लिए एक आधुनिक और भरोसेमंद केंद्र के रूप में उभर रहा है।
काशी स्पाईन हास्पिटल के डॉ.विमल अग्रवाल ने स्पाइनल नेविगेशन सिस्टम से दुर्लभ ऑपरेशन कर बदल दी संजना साहू की जिंदगी
