मोदी जी के प्रयासों से योग आधारित अर्थव्यवस्था 20 हजार करोड़ की:ओपी चौधरी

PTV BHARAT 20 JUNE 2025 रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि कल शनिवार 21 जून 2025 को पूरी दुनिया “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” की थीम के साथ 11वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रही है। गत दस वर्षों में भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को दुनिया में अपना उचित स्थान मिला है। श्री चौधरी ने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि भारत की योग आधारित अर्थव्यवस्था कुल 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की हो चुकी है और 1 लाख से अधिक प्रमाणित योग शिक्षक दुनिया के 190 देशों में योग सीखने-सिखाने का कार्य कर रहे हैं।

प्रदेश के वित्त मंत्री श्री चौधरी ने शुक्रवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में बताया कि राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) के हाल ही में हुए सर्वेक्षण में पाया गया कि देश के 2.5 करोड़ घरों में, जो कि देश की आबादी का लगभग 8% है, कम-से-कम एक सदस्य नियमित योग करता है। यह योग के भारतीय जीवन शैली से जुड़ाव को दिखाता है और यह स्थापित करता है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार आम भारतीय के जीवन की प्राथमिकताओं पर चल रही है। श्री चौधरी ने कहा कि आज के इस कठिन दौर में, जहाँ बीमारियों और जनसंख्या दोनों ही तेज़ी से बढ़ रही हैं, योग एक ऐसा माध्यम है जिससे हम सभी एक स्वस्थ, संतुलित और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। योग केवल शरीर की क्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मा, मन और चेतना को जोड़ने वाली एक जीवनशैली है। भारत, जो योग की भूमि है, ने सदियों से इसे संरक्षित और प्रचारित भी किया है। यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और आज विश्वभर में इसके वैज्ञानिक लाभों को स्वीकार किया जा रहा है। श्री चौधरी ने कहा कि भारत जैसा कोई दूसरा देश शायद ही हो, जिसका इतना व्यापक, समृद्ध और जीवंत सांस्कृतिक इतिहास रहा हो। जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में यह प्रस्ताव रखा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाए, तब बहुत-से लोग जो पहले योग का मज़ाक उड़ाया करते थे, उन्हें यह कल्पना भी नहीं रही होगी कि यह पहल एक दिन वैश्विक आंदोलन का रूप ले लेगी। इस ऐतिहासिक क्षण में 177 देशों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव का समर्थन किया। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत की जीत थी। श्री मोदी ने न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में भारतीय मूल्यों और परंपराओं के प्रति एक नई जागरुकता उत्पन्न की है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के पंच-प्रण का संदेश यही है कि हम विकास के साथ अपनी विरासत को आत्मसात करें, उसे सहेजें।

प्रदेश के वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को 21 जून को मनाने के पीछे एक गहरा और वैज्ञानिक कारण भी है। 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इसी दिन दक्षिणायन की शुरुआत होती है। भारतीय शास्त्रों और आयुर्वेद में यह माना गया है कि दक्षिणायन के प्रारंभ से वातावरण में अशुद्धता बढ़ने लगती है और हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे समय में तन और मन को संतुलित बनाए रखने, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए योग एक अत्यंत प्रभावी साधन है। श्री चौधरी ने कहा कि योग हमारी 15 हजार साल पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। आदियोगी शिव को योग का प्रथम ज्ञानदाता माना जाता है, जिन्होंने सप्तर्षियों को योग की गूढ़ विधाओं का उपदेश दिया। बाद में महर्षि पतंजलि ने योग को एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से व्यवस्थित किया और उसे आस्था, अंधविश्वास और भ्रम से निकालकर एक प्रमाणित जीवनशैली के रूप में दुनिया के समक्ष प्रस्तुत किया। योग केवल शारीरिक क्रियाओं का नाम नहीं है, बल्कि मन की स्थिरता, भावनाओं का संतुलन, और आत्मा की शुद्धता की साधना है। श्री चौधरी ने कहा कि “युव्रा” और “योग” जितने उच्चारण में मिलते-जुलते हैं, उतनी ही गहराई से एक-दूसरे से जुड़े भी हैं। आज योग से विमुख होते जा रहे युवाओं को पुन: योग से जोड़ा जडा रहा है।

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