जो लोग आतंकवाद को रंग से जोड़ते हैं, वे आतंकवाद के समर्थक हैं – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

PTV BHARAT 04 AUGUST 2025  एजेंसी भगवा आतंक शब्द पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद शब्द में रंग का कोई मतलब नहीं है और कहा कि जो लोग आतंकवाद को रंग से जोड़ते हैं, वे आतंकवाद के समर्थक हैं। दरअसल, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि आतंकवादी तो आतंकवादी होता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद शब्द में रंग का क्या मतलब है? आतंकवाद तो आतंकवाद है, और इसके ख़िलाफ़ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मालेगांव विस्फोट हुआ, लेकिन आप उसे अंजाम देने वाले का पता नहीं लगा पाए। जो लोग आतंकवाद में रंग ढूंढते है, वे आतंकवाद के समर्थक हैं। गौरतलब है कि गत 31 जुलाई को मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2008 के मालेगांव विस्फोटों के सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष मामले में पुख्ता सबूत साबित करने में विफल रहा।इसके साथ ही NIA की विशेष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से पीड़ितों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50000 रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया।

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