काम करो की कोई धर्मांतरण न करें और हमारा भारत हिन्दू राष्ट्र हो जाए – पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

PTV BHARAT 08 OCT 2025 रायपुर। युवा समाजसेवी चंदन – बसंत अग्रवाल (थान खम्हरिया वाले) के नेतृत्व में स्व. श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन के तत्वावधान में दही हांडी उत्सव स्थल,अवधपुरी मैदान, श्रीनगर रोड, गुढिय़ारी में चल रहे बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के चौथे दिन प्रेत राज सरकार का दिव्य दरबार लगाया गया जहां कई लोगों को भूत और प्रेत ने जकड़ लिया था और पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सेनापतियों ने उन्हें जमकर चमेटा मारा और फिर ऊँ बम बागेश्वराय: बीर-बीराय: हूम, फट स्वह:, ऊँ बम बागेश्वराय: बीर-बीराय: हूम के मंत्र के बाद वे ठीक होकर खुशी-खुशी अपने घर वापस लौटे।
250 से अधिक लोगों ने लिया दीक्षा
बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंगलवार को सुबह 10 बजे से 1.30 बजे तक 250 से अधिक लोगों को दीक्षा देते हुए गुरु मंत्र दिया। इस अवसर पर युवा समाजसेवी चंदन – बसंत अग्रवाल (थान खम्हरिया वाले) के साथ स्व. श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन के सदस्यगण उपस्थित थे। पंडित ने इस दौरान बताया कि यजमान के घर कल भंडारा था और भंडारा खाने के बाद मंडल, फिर पदयात्रा के पदाधिकारियों की बैठक लिए और सुबह 5 बजे फ्री हो पाए।
ऊ श्री राम.राम…. के जाप के साथ भूत राज सरकार का दिव्य दरबार हुआ शुरु
प्रेत राज सरकार के दरबार में कैसे भी तंत्र मंत्र हो एक रुपये तुम्हारा खर्च नहीं होगा, कोई पूजा का सामान नहीं लगेगा। कोई बलि का सामान नहीं लगेगा, बालाजी के नाम से ही तुम्हारें घर, दुकान, शरीर, जहां पर भी कैसा भी तंत्र-मंत्र, बाधा, मोहन, वसीकरण, जादू-टोना होना हो एक भी नहीं रहेगा। ऊ श्री राम.राम…. के जाप के साथ बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भूत राज सरकार का दिव्य दरबार शुरु किया और इस दौरान कई लोग झूपने लगे और कई लोग चिल्ला रहे थे। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस पर मंत्र बोलते हुए कहा कि ऊँ बम बागेश्वराय: बीर-बीराय: हूम, फट स्वह:, ऊँ बम बागेश्वराय: बीर-बीराय: हूम, फट स्वह:, जिनको भी प्रेतबाधा है दोनों हाथों की मुठ्ठी बांधो। छत्तीसगढ़ वालो अब तुम्हें हली उल्लाय के चक्कर में, चर्च के चक्कर में पड़ने की आवश्यकता नहीं है। हनुमानजी शक्तियां ही तंत्र-मंत्र का समाधान कर डालेंगे। अपना नाम लो मन में, अपना गोत्र बोलो, हे बालाजी की सेना, सन्यासी बाबा की सेना चारों पंडालों के सबसे आखिरी में जहां पर भी प्रेत रोगी बैठे है सब जगह सेना भेजी जाए और चमिटा की मार लगाई जाए। कुलर के पास में साड़ी बहने हुई महिला है उसकी जमकर पिटाई की जाए। बताओ मुंह बांधके भी भूत आते है, यह हमें लगता है कि कहीं डाकू आ गया है। पहली बार हम छत्तीसगढ़ में देख रहे है कि भूत भी मुंह बांधते है। इस दौरान एक बुजुर्ग महिला को भूत ने जकड़ लिया था और वह मुंह को बांधे हुए नाच रही थी। तुम हो भूत तो हमारे पास है रामजी के दूत। पुरुष लोग भी झूप रहे थे और एक को वहां मौजूद लोग उठाकर पंडित के पास लाए और कहा कि आ बेटा देखते हुए है दम कितने बाजू में है। उसके शरीर में पूरा चमेटा मारने को बोला और वह आदमी झूपने लगा और राम.राम.राम का जाप करने के बाद वह आदमी ठीक हो गया और काला नारियल लेकर वापस खुशी-खुशी अपने घर गया।

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