बस्तर में हो रहा नीली क्रांति का आगाज

PTV BHARAT 12 NOV 2025 छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पिछले 25 वर्षों में मछलीपालन ने जो करिश्मा दिखाया है, वह किसी क्रांति से कम नहीं है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं की सहायता से यहां मछली उत्पादन लगभग आठ गुना बढ़ गया है। जहां कभी सालाना उत्पादन महज 574 मीट्रिक टन था, वहीं आज 16 हजार मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन हो रहा है। इसी तरह मत्स्य बीज उत्पादन भी 149 लाख फिंगरलिंग्स से बढ़कर 728 लाख से ज्यादा हो गया है। इस वृद्धि को और भी बल देने के लिए शासन द्वारा मछली पालन को कृषि का दर्जा प्रदान किया गया है। इसके बाद मत्स्यपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी मिल रही है। जिसमें एक लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज के और तीन लाख रुपए तक महज एक प्रतिशत ब्याज पर सहजता से ऋण उपलब्ध है। पहले यह सुविधा सीमित और महंगी थी। जलकर और बिजली बिल में छूट ने भी मछलीपालकों एवं किसानों का हौसला बढ़ाया है। नतीजा यह कि दस हजार से ज्यादा मत्स्यपालकों एवं किसानों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है।

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