आज अधिक चमकीला और थोड़ा बड़ा दिखेगा चंद्रमा

PTV BHARAT 03 JANUARY 2026 एजेंसी प्रयागराज। इस सप्ताह खगोलीय घटनाएं हमें आकर्षित करेंगी। दिन में पेरीहेलियन और रात में दिखने वाला सुपर वुल्फ मून खास है। तीन जनवरी को पूर्णिमा है। सुपरमून आमतौर पर तब होता है जब चंद्रमा की पूर्ण अवस्था पृथ्वी के निकट आने के साथ मेल खाती है, जिसे पेरिगी कहा जाता है। खगोलीय भाषा में इसे सुपर वुल्फ मून भी कहते हैं। आधी रात के आसपास सिर के ऊपर यह चमकेगा। इसके पास ही एक चमकीला तारा नजर आएगा। वह बृहस्पति होगा। इस दिन नजर आने वाला चंद्रमा पेरिगी पर है, अर्थात चंद्रमा की कक्षा में वह बिंदु जो पृथ्वी के सबसे करीब होता है। यही वजह है कि इसे पेरिगीयन पूर्णिमा कहते हैं। सुपरमून में चंद्रमा आठ प्रतिशत अधिक बड़ा और 16 प्रतिशत अधिक चमकीला दिखाई देगा। सुपर वुल्फ मून की संज्ञा देने की वजह है कि कड़ाके की ठंड के दौरान पहले के दिनों में उत्तरी गोलार्ध में भेड़ियों के झुंड की आवाज अधिक सुनाई देती थी, इसके चलते पूर्णिमा को वुल्फ मून कहा गया। इसी समय सूर्य भी पृथ्वी के करीब है। इस घटना को पेरीहेलियन अर्थात उपसौर कहते हैं। सामान्य दिनों में सूर्य पृथ्वी से लगभग 14 करोड़ 96 लाख किलोमीटर दूर होता है। पेरीहेलियन के शाब्दिक अर्थ को समझें तो यह ग्रीक शब्द पेरी और हेलिओस से बना है। पेरी का अर्थ करीब होता है जबकि हेलिओस का अर्थ सूरज से लिया जाता है। जवाहर तारामंडल की विज्ञानी सुरूर फातिमा कहती हैं कि उपसौर के समय पृथ्वी अपनी कक्षा में सबसे तेज गति से घूमती है, जो लगभग 30.27 किलोमीटर प्रति सेकंड होती है। इसके विपरीत, जब पृथ्वी सूर्य से सबसे अधिक दूरी पर होती है, तो उस स्थिति को उपसौर अर्थात एपहेलेन कहते हैं। यह स्थिति 2026 में छह जुलाई को होगी। जवाहर तारामंडल ने इस माह के आसमान का मानचित्र जारी किया है। उसके अनुसार मीन, मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क और सिंह राशियां आसमान में देखी जा सकती हैं। मृग, बृहल्लुब्धक, सारथी और महाश्व तारामंडल भी नजर आ रहे हैं। कृत्तिका, रोहणी, बहह्महृदय, पुनर्वसु, मघा, काक्षी, राजन्य, व्याध, प्रश्वा और अगस्त्य जैसे चमकीले तारे भी दिखाई दे रहे हैं।

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