देशभक्ति और हिंदू एकता के संदेश के साथ दर्जनों जगहों पर हुआ विराट हिंदू सम्मेलन

PTV BHARAT 25 JANN 2026 रायपुर । सर्व हिन्दू समाज के तत्वावधान में रायपुर शहर के विभिन्न नगरों में हिन्दू सम्मेलन का व्यापक एवं भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य हिन्दू समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित सम्मेलनों में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं एवं मातृ शक्ति की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। इसमें बच्चों के द्वारा भारतीय सेनाओं के अदम्य साहस और पहलगाम में हिंदू पर्यटकों को हिंदू होने की पहचान के कारण हत्या करने का भावुक नाट्य मंचन किया गया और हिन्दुओं की एकता करने का आह्वान किया गया।
शंकरनगर के राजातालाब में हुए सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख सुनील कुलकर्णी ने कहा कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यबोध में अपने दायित्व को समझे । यह सभी कार्य सहज रूप से हिंदू समाज एकता के साथ करता आया है। हमें सोए हुए हिंदुओं को जगाना है।
वहीं मठपारा बस्ती में अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख ने हिंदू सम्मेलन को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए कहा कि हमें छत्तीसगढ़ की रची बसी संस्कृति को जिंदा रखते हुए अपनी मातृभाषा, भेष-भूषा पर काम करते हुए हिंदू एकता लाना है।
वीर सावरकर नगर के उदया सोसाइटी में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख श्री संजय दुबे ने भारत की औद्योगिक क्षमता एवं सशक्त अर्थव्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती सामर्थ्य के कारण ही सांस्कृतिक आघात के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रमों में श्रद्धेय संतजनों ने एक स्वर में प्रेरक उद्बोधन देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में सर्व हिन्दू समाज द्वारा आयोजित हिन्दू सम्मेलन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विधर्मी शक्तियों द्वारा किए जा रहे कुत्सित प्रयासों का उल्लेख करते हुए बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों एवं धर्मांतरण के प्रयासों की ओर समाज का ध्यान आकृष्ट किया।
हिन्दू सम्मेलन में सभी मातृशक्ति वक्ता ने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मातृ शक्ति की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज को समझने के लिए परिवार को समझना आवश्यक है, क्योंकि परिवार ही समाज की मूल इकाई है।
शहर के 24 स्थानों पर हुए भव्य हिंदू सम्मेलन में सभी वक्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा को सेवा, संस्कार और संगठन की प्रेरणादायी गाथा बताया। उन्होंने हिन्दू समाज की एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्र की शक्ति बताया। परिवार को समाज की आधारशिला बताते हुए भारतीय संस्कारों के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया। पंच परिवर्तन के माध्यम से स्व आधारित जीवन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों के पालन का आह्वान किया गया।

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