PTV BHARAT 25 JANUARY 2026 रायपुर । प्रेस क्लब में शुक्रवार दोपहर 12 बजे एक विशेष पत्रकारिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रसार भारती के सलाहकार उमेश चतुर्वेदी (नई दिल्ली) और स्वदेश के संपादक जयप्रकाश मिश्रा पत्रकार साथियों से रूबरू हुए। दोनों अतिथियों ने पत्रकारिता के अपने पुराने अनुभव साझा किए और टीवी व अखबार की पत्रकारिता में अंतर को समझाया। इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु और संयुक्त सचिव निवेदिता साहू ,भूपेश जांगड़े के साथ सभी सदस्य उपस्थित थे। उमेश चतुर्वेदी ने बताया कि टीवी और सोशल मीडिया पर समाचार बहुत तेजी से फैलते हैं, लेकिन लोग उन्हें जल्दी भूल जाते हैं। उनका कहना था कि टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज में अधिकतर विज्ञापनों का कब्जा रहता है और वास्तविक समाचार का असर कम हो जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि टीवी पर लोग आधा-एक घंटा समाचार देखकर भूल जाते हैं, जबकि अखबार की खबरों को लोग काटकर सुरक्षित रखते हैं। चतुर्वेदी ने कहा कि अखबार में समाचार अधिक स्थायी और भरोसेमंद होते हैं। लोग अखबार की खबरों को पढक़र समझते हैं और उनके पास इसका रिकॉर्ड रहता है। उन्होंने पत्रकारों को यह सलाह दी कि समाचार लिखते समय हेडिंग और वलाइनर पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यही पाठकों का ध्यान आकर्षित करता है। अखबार में पत्रकारिता का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह गहराई से खबर पेश करता है, जबकि टीवी और सोशल मीडिया केवल त्वरित और सतही जानकारी देते हैं। उमेश चतुर्वेदी ने पत्रकारिता के पुराने और नए युग की तुलना भी की। उन्होंने बताया कि पुराने समय में पत्रकारिता में खबरों की गहराई और जांच पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था। वहीं, नए युग में तेजी, वायरल खबरें और डिजिटल मीडिया ने पत्रकारिता की प्रकृति बदल दी है। दोनों माध्यमों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है स्वदेश के संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि पत्रकारिता केवल खबरें देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सचेत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए और सतही या अफवाह पर आधारित खबरों से बचना चाहिए। इस अवसर पर प्रेस क्लब ने दोनों अतिथियों को उनके योगदान और अनुभव साझा करने के लिए प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। पत्रकार साथियों ने उनके विचारों को ध्यान से सुना और उन्हें सीखने योग्य बताया।
टीवी और अखबार की पत्रकारिता पर विचार, उमेश चतुर्वेदी और जयप्रकाश मिश्रा ने साझा किया अनुभव
