PTV BHARAT 14 MAY 2026 रायपुर भाजपा के कोर कमेटी पर तंज कसते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि बदलाव के बहाने अपने ही वरिष्ठ नेताओं को कोर ग्रुप से बाहर करना भाजपा के अंदरूनी संघर्ष को उजागर करता है। नए दौर के अधिनायकवादी भाजपा में जिस तरह से केंद्र की सरकार और भाजपा के केंद्रीय संगठन में हम दो और हमारे दो का कब्जा है उसी तर्ज़ पर छत्तीसगढ़ में भी सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री दोनों उपमुख्यमंत्री और ओपी चौधरी इन्हीं चार लोगों के हाथों में भाजपा संगठन को भी ठेके पर सौंप दिया गया है। किसी भी संगठन में कोर कमेटी वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं का संगठन होता है जो पार्टी को नीतिगत निर्णय लेने सुझाव देते हैं, सरकार को भी समीक्षा और सुझाव देते हैं, सत्ता और संगठन में समन्वय बनाकर जनता और कार्यकर्ताओं की आवाज़ बनकर काम करता है लेकिन वर्तमान दौर में भाजपा संगठन नहीं, बल्कि सरकार के नियंत्रण में वसूली गिरोह के तौर पर संचालित करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। कैडर और देवतुल्य कार्यकर्ता का दावा केवल जुमला है असलियत यही है कि भाजपा अपने ही नेता कार्यकर्ताओं का शोषण करने वाली पार्टी है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा के नव गठित कोर कमेटी से भाजपा के सामाजिक न्याय विरोधी चरित्र एकबार फिर उजागर हुआ है। ओबीसी सबसे बड़ी अबादी है, सात बार के सांसद रहे, पूर्व केंद्रीय मंत्री, महाराष्ट्र, झारखंड सहित तीन-तीन राज्यों के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस आज अपने ही संगठन में उपेक्षा के शिकार हैं। वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक की क्या स्थिति है? 8 बार के विधायक, पूर्व मंत्री, राजधानी रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल को कोर कमेटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। भाजपा के सबसे वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी भी बाहर। सबसे वरिष्ठ अनुसूचित जाति के विधायक पुन्नूलाल मोहले भी बाहर कर दिए गए। महिलाओं की हितैषी होने का ढोंग करने वाले भाजपाई यह बताएं कि नवगठित कोर कमेटी में महिलाओं की भागीदारी कितनी है? रेणुका सिंह को भी कोर ग्रुप में स्थान नहीं मिला।
सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा के कोर कमेटी पर कसा तंज
