PTV BHARAT 08 JUNE 2026- दुर्ग: प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार- कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में 7 जून को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण करने, मजदूरी भुगतान से संबंधित समस्याओं के निराकरण तथा जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस आधारित निगरानी तथा समयबद्ध मजदूरी भुगतान की व्यवस्था की गई है। रोजगार दिवस के तहत जिले के विभिन्न कार्यस्थलों पर श्रमिकों के बीच जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। जनपद पंचायत पाटन की ग्राम पंचायत मानिकचौरी में चारागाह निर्माण कार्य एवं वाट निर्माण कार्य स्थल पर 54 श्रमिकों की उपस्थिति में रोजगार दिवस आयोजित किया गया। वहीं ग्राम पंचायत बिरझापुर में जल संचयन तालाब निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों को रोजगार एवं आवास योजनाओं की जानकारी दी गई। जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत मोहलाई में सरारनाला से प्रहलाद निषाद के खेत तक नाला जीर्णाेद्धार कार्य में 196 श्रमिक कार्यरत रहे। ग्राम पंचायत कपसदा में जल संचयन तालाबों के नवीनीकरण कार्य में 231 श्रमिकों की सहभागिता रही। दोनों स्थानों पर आयोजित रोजगार एवं आवास दिवस में श्रमिकों को रोजगार अधिकार, मजदूरी भुगतान और आवास योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत ग्राम पंचायत भरदा में जैन बाड़ी से राइस मिल तक समुदाय के लिए वाटर कोर्स केनाल मरम्मत एवं रखरखाव कार्य में 182 श्रमिक कार्यरत रहे। ग्राम पंचायत करगाडीह में दशरू के खेत से भारतमाला रोड तक वाटर कोर्स रखरखाव एवं मरम्मत कार्य में 152 श्रमिकों ने सहभागिता की। इसी प्रकार ग्राम पंचायत खम्हरिया में राजपूत बाड़ी के पास समुदाय के लिए वाटर कोर्स रखरखाव एवं मरम्मत कार्य में 250 श्रमिक कार्यरत रहे। इन सभी कार्यस्थलों पर रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन कर श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा उनकी समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से दुर्ग जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों के जरिए जिले के 64 हजार 049 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में वर्तमान में 3923 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनसे एक ओर ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ हो रही है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन एवं ग्रामीण अधोसंरचना विकास को भी नई दिशा मिल रही है। वर्तमान में जनपद पंचायत दुर्ग में 16 हजार 262, जनपद पंचायत धमधा में 21 हजार 676 तथा जनपद पंचायत पाटन में 26 हजार 049 श्रमिकों को प्रतिदिन रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। मनरेगा के तहत संचालित विभिन्न निर्माण कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण तथा समग्र ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। रोजगार एवं आवास दिवस के माध्यम से श्रमिकों को इन योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें अधिकाधिक लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
दुर्ग: प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार
