PTV BHARAT 21 JUNE 2026 – एमसीबी : विश्व योग दिवस पर बिहान समूहों की दीदियों ने दिया स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता का संदेश – विश्व योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने जिलेभर में स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संदेश दिया। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम के आह्वान पर जिले के लगभग 200 ग्राम संगठनों, ग्राम पंचायतों, अमृत सरोवर स्थलों तथा सामुदायिक परिसरों में सामूहिक योगाभ्यास, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।
विश्व योग दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत बरबसपुर, ग्राम पंचायत बड़कबहरा, ग्राम हंसपुर, ग्राम कछोड़ सहित जिले के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में बिहान समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। महिलाओं ने विभिन्न योगासनों एवं प्राणायामों का अभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया तथा ग्रामीण समुदाय को भी योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
अमृत सरोवर अभियान से जुड़े स्थलों पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। मनेंद्रगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत शंकरगढ़ स्थित शिव मंदिर के समीप विकसित अमृत सरोवर में योगाभ्यास, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण एवं सरोवर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 35 लोगों ने सहभागिता की। इसी प्रकार ग्राम पंचायत सिरौली के नीम तालाब स्थित अमृत सरोवर में योगाभ्यास, साफ-सफाई, वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण विषयक संवाद कार्यक्रम में 47 ग्रामीणों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं ने योग को स्वस्थ समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। विगत वर्षों में बिहान समूहों की महिलाओं के जीवन में योग के प्रति उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। पहले जहां अधिकांश महिलाएं घरेलू एवं कृषि कार्यों को ही पर्याप्त शारीरिक गतिविधि मानती थीं, वहीं अब योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाकर बेहतर स्वास्थ्य और आत्मविश्वास का अनुभव कर रही हैं।
योगाभ्यास के साथ-साथ महिलाओं ने ग्रामीण समुदाय को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया। समूह की दीदियों ने जामुन, तेंदू एवं अन्य स्थानीय फलदार वृक्षों के औषधीय एवं पोषण संबंधी महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण और संवर्धन का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि स्थानीय वन उत्पाद एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थ न केवल बेहतर स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाते हैं।
विश्व योग दिवस के अवसर पर बिहान समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे पोषणयुक्त उत्पादों की प्रदर्शनी-सह-विपणन गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। महिलाओं ने मुनगा (सहजन) पाउडर, रागी आटा, रोस्टेड चना, भुनी हुई कुल्थी दाल सहित अनेक पोषण समृद्ध उत्पादों का प्रदर्शन किया। इन उत्पादों को आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा सराहा गया। महिलाओं ने बताया कि इन उत्पादों के माध्यम से पोषण जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्व-सहायता समूहों की आय में भी वृद्धि हो रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को प्रदान की गई। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना, किसान समृद्धि योजना तथा अन्य विभागीय योजनाओं के लाभ, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी शिविरों के माध्यम से साझा की गई। उपस्थित किसानों ने योजनाओं से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा समाधान किया गया।
महिलाओं ने योग, पोषण और पर्यावरण संरक्षण को एक-दूसरे से जुड़ा विषय बताते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता गतिविधियों को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। अमृत सरोवरों के किनारे आयोजित कार्यक्रमों में जल स्रोतों के संरक्षण तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।
जिला प्रशासन ने बिहान समूहों की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी ग्रामीण समाज का नेतृत्व कर रही हैं। प्रशासन ने महिलाओं के इस प्रयास को सामुदायिक नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
विश्व योग दिवस के अवसर पर बिहान समूहों की दीदियों द्वारा संचालित यह व्यापक जन अभियान इस बात का प्रमाण है कि संगठित महिला शक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन सकती है। योग, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और आत्मनिर्भरता का यह समन्वित संदेश जिले में ग्रामीण विकास की नई चेतना का संचार कर रहा है तथा स्वस्थ, समृद्ध और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी पहल के रूप में उभरकर सामने आया है।

