PTV BHARAT 23 JUNE 2026 – रायपुर : मिशन मोड पर पेंशन सत्यापन अभियान, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम
छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभ वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से व्यापक पेंशन सत्यापन एवं डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) अपग्रेडेशन अभियान मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाकर पात्र नागरिकों को समय पर और पारदर्शी तरीके से पेंशन उपलब्ध कराना है।
पोछावाड़ा में विशेष शिविर का आयोजन
इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत पोछावाड़ा के ग्राम रोहताड़ में विशेष पेंशन सत्यापन एवं डीबीटी शिविर आयोजित किया गया। शिविर में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
अधिकारियों द्वारा मौके पर ही बैंक खातों, आधार लिंकिंग और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, जिससे कई समस्याओं का तत्काल समाधान संभव हो सका।
118 हितग्राहियों का किया गया सत्यापन
समाज कल्याण विभाग के अनुसार ग्राम पंचायत पोछावाड़ा में कुल 118 पेंशन हितग्राही पंजीकृत हैं। इनमें से 40 हितग्राही नॉन-डीबीटी श्रेणी में थे।
शिविर के दौरान—
- 2 हितग्राहियों के आवश्यक दस्तावेज आगे की कार्रवाई के लिए संकलित किए गए।
- 2 हितग्राहियों को बैंक जाकर अनिवार्य ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए।
- 6 हितग्राहियों को जानकारी दी गई कि उनकी पेंशन राशि पहले से ही सुरक्षित रूप से डीबीटी के माध्यम से खातों में जमा हो रही है।
मृत पेंशनधारियों की पहचान
पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए मृत पेंशनधारियों की पहचान को विशेष प्राथमिकता दी गई। पंचायत सचिव की रिपोर्ट के आधार पर 11 मृत पेंशनधारियों का चिन्हांकन किया गया है।
इन नामों को पेंशन सूची से हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिससे गलत भुगतान रोका जा सके और सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना है कि गांव में शिविर लगने से ब्लॉक और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी तथा दस्तावेजों और बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो गया।
डिजिटल गवर्नेंस को मिल रही मजबूती
प्रशासन का मानना है कि ऐसे शिविरों के माध्यम से पेंशन भुगतान व्यवस्था अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुगम बनेगी। पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों, रोजगार सहायकों और समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
यह पहल राज्य में पारदर्शी प्रशासन, डिजिटल गवर्नेंस और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

