महासमुंद : कैबिनेट मंत्री नेताम ने शहादत दिवस पर वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण

PTV BHARAT 24 JUNE 2026- महासमुंद : कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम ने शहादत दिवस पर वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण – आदिम जाति कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम आज महासमुंद जिला मुख्यालय में आयोजित रानी दुर्गावती के 462वें शहादत दिवस एवं अमर शहीद वीर नारायण सिंह प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मंत्री राम विचार नेताम द्वारा बीटीआई रोड स्थित रानी दुर्गावती चौक में स्थापित वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात मंत्री राम विचार नेताम द्वारा अटल परिसर में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

तत्पश्चात आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज द्वारा आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी, औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर एवं आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज के अध्यक्ष डेजी रानी नेताम सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समुदाय की महिलाएं एवं पुरुष मौजूद थे। इस अवसर पर समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

आदिम जाति कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर हमारे लिए गौरव, प्रेरणा और संकल्प का अवसर है। हम सभी यहां गोंडवाना की महान वीरांगना रानी दुर्गावती के शहादत दिवस और छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिंह की प्रतिमा अनावरण के अवसर पर एकत्रित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर अद्वितीय साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। वहीं वीर नारायण सिंह ने अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करते हुए जनहित और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। रानी दुर्गावती और शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी समाज के शौर्य और साहस का प्रतीक हैं। हम सभी का दायित्व है कि इन महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तथा समाज में एकता, समरसता, शिक्षा, विकास और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय योगदान दें।

मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि हमारा समाज देश के कोने-कोने में है और आज सबसे बड़ी चुनौती अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज को शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से 18 लाख गरीब परिवारों को आवास मिला है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के लिए बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद और बीज उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही सरकार कालाबाजारी, जमाखोरी तथा नकली खाद-बीज के कारोबार पर सख्त कार्रवाई कर रही है। किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सांसद रूपकुमारी चौधरी ने शहादत दिवस पर रानी दुर्गावती के साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने साहस, पराक्रम और अदम्य आत्मबल से इतिहास में अमिट स्थान बनाया। वहीं वीर नारायण सिंह ने गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आवाज बुलंद की। उनका बलिदान छत्तीसगढ़ की अस्मिता और गौरव का प्रतीक है।

विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना महारानी दुर्गावती ने मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। इसी तरह वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजी शासन के अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करते हुए गरीबों, किसानों और जरूरतमंदों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और शहीद वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया। दोनों ही आदिवासी समाज का गौरव हैं। इन विभूतियों ने अपने जीवन से आदर्श स्थापित किए, उनके विचारों और मूल्यों को अपनाकर ही हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि आज गौरव का दिन है कि शहादत दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के महिलाएं एवं पुरुष एकत्र हुए हैं। हमारा समुदाय जल, जंगल और जमीन का रक्षक है। हम धरती से जुड़े लोग हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सम्मान देने का कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष दिशा दीवान, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, मोनिका साहू, सतपाल सिंह पाली सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, आदिवासी समाज की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

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