रायपुर : कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

PTV BHARAT 24 JUNE 2026- रायपुर : कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में जनजाति समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग समुदाय के संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के संबंध में चर्चा की गई।

मुख्य सचिव विकासशील ने प्रदेश के जनजाति समूहों, अन्य वंचित वर्गों एवं गरीब युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से स्थानीय लोगों को सशक्त बनाने और उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन और पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के मध्य एक गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन का निर्णय लिया गया है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समुदायों के गरीब युवाओं, महिलाओं तथा तृतीय लिंग समुदाय के संस्थागत विकास के लिए व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाएगी तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करेगी।

फाउंडेशन के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उनकी रुचि और बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न ट्रेडों में आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि संस्था का उद्देश्य केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना भी है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। कार्यक्रम का विशेष फोकस स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन ने झारखंड में शासन के साथ मिलकर सफलतापूर्वक कार्य किया है और उसी मॉडल पर छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं अन्य वंचित युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

कल्याण गुरूकुल और कौशल कॉलेजों की स्थापना छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में की जाएगी। छात्राओं के प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही नियोजकों के साथ करार किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण पूर्ण होते ही उन्हें रोजगार मिल सके।

संस्था द्वारा बस्तर और सरगुजा संभाग के आदिवासी बाहुल्य जिलों में विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है। स्थानीय भवनों जैसे आईटीआई एवं छात्रावासों को आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों और गुरूकुलों में परिवर्तित किया जा रहा है। इन जिलों के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से बेरोजगार युवाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।

युवाओं की शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप कंस्ट्रक्शन, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों में अल्पकालीन आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

बैठक में आदिम जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पर्यटन एवं संस्कृति सचिव एस. भारतीदासन, विशेष सचिव स्वास्थ्य एवं आयुष तथा संचालक राजेन्द्र कुमार कटारा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार विभाग और पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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