PTV BHARAT 28 JUNE 2026 रायपुर : लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने अयोध्या को सृष्टि का सदैव पूजनीय स्थान बताते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल करने की पहल को भी सराहनीय बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि उस समय जब परिवार के मुखिया जेल में होते थे, तब स्वयंसेवक भेष बदलकर उनके परिवारों तक अनाज पहुंचाते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई स्मृतियां साझा करते हुए सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यालय स्तर पर “आपातकाल कभी विस्मृत न हो” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्राप्त किया। सूरज तांडिया (विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा) द्वितीय तथा अंश देशमुख (अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग) तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर “25 जून : संविधान हत्या दिवस” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में कल्याणी पटले (रायपुर) प्रथम, सीमा साव (रायगढ़) द्वितीय तथा खुशबू (दुर्ग) तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

