PTV BHARAT 06 AUGUST 2026 – गरियाबंद : राखी निर्माण से आत्मनिर्भर बन रहीं गायत्री स्व सहायता समूह की महिलाएं – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गरियाबंद जिले की महिलाओं का स्वावलंबन की ओर बढ़ता कदम प्रेरणादायी बन रहा है। जिला मुख्यालय गरियाबंद के समीपस्थ ग्राम सढ़ौली का गायत्री स्व सहायता समूह अपनी मेहनत और हुनर के दम पर राखी निर्माण के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर रहा है। इस समूह में 11 सदस्य हैं। समूह की महिलाएं इस वर्ष अब तक 50 दर्जन से अधिक राखियां तैयार कर चुकी हैं और राखी निर्माण का कार्य लगातार जारी है। खेती और घरेलू कार्यों की जिम्मेदारियां निभाने के बाद वे प्रतिदिन लगभग एक घंटे का समय निकालकर आकर्षक एवं कलात्मक राखियां तैयार करती हैं।
समूह की अध्यक्ष भोजेश्वरी ध्रुव ने बताया कि पिछले वर्ष समूह ने 35 दर्जन राखियों का निर्माण किया था। इसके लिए धागा, मोती, फैंसी सामग्री और अन्य आवश्यक सामान की खरीदी पर लगभग 3,500 रुपये की लागत आई थी, जबकि तैयार राखियों की बिक्री से करीब 7,000 रुपये की आय प्राप्त हुई। इस तरह समूह ने लागत का लगभग दोगुना लाभ अर्जित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। पिछले वर्ष मिली सफलता से उत्साहित होकर समूह ने इस बार लगभग 10,000 रुपये की लागत से कच्चा माल खरीदा है। महिलाओं को उम्मीद है कि इस वर्ष भी पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
समूह की महिलाओं ने बताया कि यह आजीविका गतिविधि उनके लिए केवल अतिरिक्त आय का साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बन गई है। राखी निर्माण से उन्हें घर की जिम्मेदारियों के साथ स्वरोजगार का अवसर मिला है। समूह की इस सफलता में पीआरपी मीणा साहू के नेतृत्व, आरसेटी से प्राप्त प्रशिक्षण तथा जनपद पंचायत के बीपीएम हेमंत तिर्की, क्षेत्रीय समन्वयक प्रफुल्ल देवांगन और रचना देवांगन के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। गरियाबंद जिले में स्व सहायता समूहों की ऐसी पहलें ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रही हैं।

