महासमुंद : गेंदे की खेती से श्रीमती कुमारी चंद्राकर ने बढ़ाई अपनी आमदनी

PTV BHARAT 07 AUGUST 2026 – महासमुंद : गेंदे की खेती से श्रीमती कुमारी चंद्राकर ने बढ़ाई अपनी आमदनी – जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम भदरसी की कृषक श्रीमती कुमारी चंद्राकर ने पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी कृषि आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। श्रीमती चंद्राकर बताती हैं कि धान की खेती में अधिक लागत और अपेक्षाकृत कम उत्पादन के कारण उनका रुझान धीरे-धीरे उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ा। इसके बाद उन्होंने सब्जियों और फूलों की खेती को अपनी नियमित कृषि गतिविधियों का हिस्सा बनाया। वर्तमान में वे धनिया, प्याज, बैंगन, मूली, भाजी सहित विभिन्न उद्यानिकी फसलों की खेती कर रही हैं।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिला प्रोत्साहन

वर्ष 2025-26 में श्रीमती कुमारी चंद्राकर ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार घटक के तहत गेंदा फूल की खेती की। उनके पास कुल 0.64 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि है, जिसमें उन्होंने गेंदे की फसल लगाई। शासन की योजना के तहत उन्हें 0.64 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 12,800 रुपए का अनुदान डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुआ। शासकीय सहयोग से उन्हें उद्यानिकी फसलों का विस्तार करने की प्रेरणा मिली। खेती में वे ड्रिप सिंचाई और कृषि यंत्रों जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग कर रही हैं।

प्रति एकड़ दो लाख से अधिक की शुद्ध आय

श्रीमती कुमारी चंद्राकर बताती हैं कि गेंदे की खेती उनके लिए आर्थिक रूप से अत्यंत लाभदायक साबित हुई। उन्होंने प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल गेंदा उत्पादन प्राप्त किया, जिसे लगभग 31 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया। उत्पादन संबंधी सभी खर्चों के बाद उन्हें प्रति एकड़ लगभग 2 लाख 7 हजार रुपए की शुद्ध आय प्राप्त हुई।

उद्यानिकी खेती की ओर बढ़ रहा किसानों का रुझान

बेहतर आमदनी से उनका खेती के प्रति उत्साह और बढ़ा है। अब वे पारंपरिक फसलों के साथ बाजार की मांग के अनुरूप उद्यानिकी फसलों को भी प्राथमिकता दे रही हैं। उनके खेतों में सब्जियों और फूलों की फसल देखकर रिश्तेदारों एवं आसपास के किसान भी उद्यानिकी खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

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