रायपुर : हरेली पर बालोद में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम

रायपुर : हरेली पर बालोद में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और आधुनिक कृषि तकनीक का अनूठा संगम इस बार हरेली तिहार पर बालोद जिले में देखने को मिला। सावन अमावस्या के पावन अवसर पर जहां किसानों ने अपनी परंपरा के अनुरूप हल, नांगर, कुदाली और फावड़े जैसे कृषि औजारों की पूजा कर अच्छी फसल और समृद्धि की कामना की, वहीं जिले की ड्रोन दीदियों ने आधुनिक कृषि यंत्र ड्रोन का धूप-दीप से पूजन कर उस पर पारंपरिक गुड़-चीला और नारियल का भोग अर्पित किया। इस अनूठे आयोजन ने हरेली की सदियों पुरानी परंपरा को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ते हुए बदलते छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर प्रस्तुत की।

परंपरागत कृषि औजारों के साथ ड्रोन भी बना किसान का साथी

शासन की ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रशिक्षित बालोद जिले की श्रीमती भुनेश्वरी साहू, श्रीमती चित्ररेखा साहू और सुश्री रूचि साहू ने हरेली के अवसर पर ड्रोन की पूजा कर कृषि में तकनीकी बदलाव को नई पहचान दी। ड्रोन दीदी भुनेश्वरी साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति कृषि औजारों के सम्मान की परंपरा सिखाती है। आज के दौर में ड्रोन भी किसानों का आधुनिक साथी बन चुका है, जो फसलों में नैनो उर्वरक और कृषि दवाइयों का छिड़काव कम समय में कर सकता है।

ड्रोन तकनीक से आसान हो रही खेती

ड्रोन दीदी चित्ररेखा साहू ने बताया कि ड्रोन तकनीक ने कृषि कार्यों को अधिक आसान और प्रभावी बनाया है। हरेली के अवसर पर उन्होंने जिले के अधिक से अधिक किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने का संकल्प लिया। वहीं सुश्री रूचि साहू ने कहा कि उनका सपना है कि बालोद के हर खेत तक ड्रोन पहुंचे। इससे किसानों की मेहनत और लागत कम हो, कृषि कार्य समय पर पूरे हों और किसानों का जीवन अधिक सुगम बने।

महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आसमान

ड्रोन दीदियों ने अपनी सफलता और आत्मनिर्भरता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि ड्रोन दीदी योजना ने महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं अब कृषि क्षेत्र में नई भूमिका निभा रही हैं और अपनी आय का साधन भी विकसित कर रही हैं।

हरेली पर आधुनिक खेती को आगे बढ़ाने का संकल्प

हरेली पर ड्रोन की पूजा का यह दृश्य केवल एक अनूठी पहल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति में हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक भी है। एक ओर जहां किसान अपनी परंपरा और कृषि संस्कृति को जीवंत रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर नई पीढ़ी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ड्रोन दीदियों ने हरेली तिहार के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे आधुनिक कृषि तकनीक को गांव-गांव और खेत-खेत तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी। हरेली का यह आयोजन परंपरा के सम्मान और तकनीक के स्वागत का सुंदर संदेश दे गया।

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