​रायपुर : ड्रिप सिंचाई ने बदली हरीशचन्द्र की तकदीर

PTV BHARAT 17 AUGUST 2026 – नारायणपुर : ड्रिप सिंचाई ने बदली हरीशचन्द्र की तकदीर – ड्रिप सिंचाई यानी टपका सिंचाई तकनीक ने आधुनिक खेती के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति बदलने की नई राह दिखाई है। नारायणपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम तारागांव निवासी कृषक हरीशचन्द्र पिता भादूराम ने ड्रिप सिंचाई और उद्यानिकी फसलों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया है और अब क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

पारंपरिक खेती से बदलाव की ओर बढ़े कदम

हरीशचन्द्र पहले मुख्य रूप से पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर थे। मेहनत के बावजूद आमदनी सीमित रहने के कारण परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण था। बेहतर आय के लिए उन्होंने खेती में नई और लाभकारी तकनीक अपनाने का निर्णय लिया।

उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से अपनाई ड्रिप तकनीक

उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों और ड्रिप सिंचाई के लाभों की जानकारी दी। इसके बाद हरीशचन्द्र ने 1 हेक्टेयर क्षेत्र में बरबटी, करेला और लौकी जैसी अधिक मांग वाली सब्जियों की खेती शुरू की।

ड्रिप सिंचाई से खेत में पानी और पोषक तत्वों की बर्बादी कम हुई तथा फसलों को आवश्यकता के अनुसार पानी उपलब्ध कराया गया। इसका सकारात्मक असर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर दिखाई देने लगा।

सब्जी उत्पादन से नियमित आय

हरीशचन्द्र की बाड़ी में तैयार लौकी, करेला और बरबटी की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण स्थानीय बाजार में उनकी मांग बढ़ी। धान की फसल के लिए लंबे समय तक इंतजार करने की तुलना में सब्जी उत्पादन से उन्हें नियमित नकद आय मिलने लगी। कम समय में बेहतर आमदनी होने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और जीवनस्तर में भी सुधार आया।

हरीशचन्द्र ने बताया कि उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और ड्रिप सिंचाई तकनीक ने खेती के प्रति उनका दृष्टिकोण बदल दिया है। अब वे पारंपरिक फसलों के साथ कम समय में अधिक लाभ देने वाली व्यावसायिक फसलों पर भी ध्यान दे रहे हैं।

गांव के लिए बने रोल मॉडल

हरीशचन्द्र की सफलता का असर ग्राम तारागांव और आसपास के क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। उनकी खेती को देखकर दूसरे किसान भी वैज्ञानिक कृषि तकनीकों और सब्जी उत्पादन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हरीशचन्द्र अपने अनुभव साझा कर अन्य किसानों को आधुनिक और उन्नत खेती अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं।

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