रायपुर : नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने पर जोर

PTV BHARAT 25 AUGUST 2026 – रायपुर : नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने पर जोर – आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपये की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। परियोजना में HIG और MIG श्रेणी के 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में अगले चरण में 704 नए फ्लैट भी बनाए जाएंगे।

बिना मांग के शुरू नहीं होगी नई आवासीय परियोजना

मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि गृह निर्माण मंडल में नीतिगत बदलाव कर यह व्यवस्था की गई है कि बिना मांग के किसी स्थान पर नई आवासीय परियोजना शुरू नहीं की जाएगी।

किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग या शुरुआती तीन महीनों में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य मांग आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देना और लंबे समय तक खाली रहने वाले मकानों की समस्या से बचना है।

हाउसिंग बोर्ड में गुणवत्ता को मिलेगा नया मानदंड

मंत्री ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी SOR तक सीमित रहने के बजाय जरूरत के अनुसार बेहतर गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाए।

उन्होंने गुणवत्तापूर्ण टाइल्स, फिटिंग्स और आधुनिक रंगों के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों को पारंपरिक सरकारी परियोजनाओं से अलग पहचान मिलनी चाहिए।

RWA और समय पर कॉलोनी हैंडओवर पर जोर

मंत्री ने कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के विकास और रखरखाव में सरकार के साथ रहवासियों की भी जिम्मेदारी है।

सेक्टर-12 के रहवासियों से RWA गठित कर कॉलोनी के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। नए हितग्राहियों से भी निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखने और किसी कमी की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया।

नवा रायपुर में शिक्षा और तकनीक का तेजी से विस्तार

ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग एक-तिहाई क्षेत्र रिक्रिएशनल उपयोग के लिए विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरियाली है।

नवा रायपुर में NIFT, NFSU, NIELIT, IIM, HNLU और IIIT जैसे संस्थानों के साथ AI डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी परियोजनाएं भी विकास को गति दे रही हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार

नवा रायपुर में स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि सत्य साईं अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर, जीनोम रिसर्च सेंटर और नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

704 नए फ्लैटों की योजना

गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि सेक्टर-12 फेस-2 की शेष 29.20 एकड़ भूमि पर 348 HIG और MIG भवन बनाए जाएंगे। इनका बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख से 85.17 लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है।

आगामी चरण में 704 फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनमें 128 HIG, 320 MIG और 256 LIG फ्लैट शामिल होंगे। इनके प्रस्तावित बेस विक्रय मूल्य 16.76 लाख से 40.47 लाख रुपये तक हैं।

नवा रायपुर में पहले भी बनीं बड़ी आवासीय कॉलोनियां

गृह निर्माण मंडल ने 2007 में सेक्टर-27 में अपनी पहली आवासीय कॉलोनी शुरू की थी, जहां 2,665 भवन और फ्लैट वर्ष 2014 में पूर्ण कर आबंटियों को सौंपे गए।

2011 में सेक्टर-29 में दूसरी कॉलोनी शुरू हुई, जहां 3,012 भवन और फ्लैट वर्ष 2015 में पूर्ण किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सेक्टर-16, 30 और 34 में 4,544 EWS एवं LIG फ्लैट का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 1,871 भवनों का आधिपत्य हितग्राहियों को दिया जा चुका है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधरोपण

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा लगाया गया। मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित अतिथियों ने पौधरोपण कर नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने का संदेश दिया।

मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर के विकास के साथ हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण आवास को समान महत्व दिया जाएगा।

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