PTV BHARAT 28 AUGUST 2026 – बस्तर : महतारी वंदन से मिली आर्थिक संबल की ताकत, बचत से पार्वती ने खरीदी सिलाई मशीन – बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम मेटावाड़ा की श्रीमती पार्वती बघेल ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि में से नियमित बचत कर सिलाई मशीन खरीदी। अब वह घर से ही कपड़े सिलकर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।
खेती-किसानी के साथ सिलाई बनी अतिरिक्त आय का जरिया
पार्वती का आठ सदस्यीय परिवार सात एकड़ पुश्तैनी कृषि भूमि पर खेती-किसानी करता है। वह अपने पति के साथ खेती के काम में भी सहयोग करती हैं। इसके अलावा घर पर ब्लाउज, पेटीकोट और अन्य कपड़ों की सिलाई का काम करती हैं।
पहले सिलाई के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं थी। महतारी वंदन की राशि से छोटी-छोटी बचत करते हुए उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी। अब गांव के लोग कपड़े सिलवाने उनके घर पहुंचते हैं, जिससे उन्हें घर बैठे अतिरिक्त आय का अवसर मिल गया है।
बचत ने दिया आत्मनिर्भर बनने का अवसर
पार्वती के अनुसार महतारी वंदन योजना की राशि सिर्फ घरेलू जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि बचत और स्वरोजगार के लिए भी उपयोगी साबित हुई है। वह हर महीने अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च करने के बाद कुछ राशि बचाने की कोशिश करती हैं।
उनकी इच्छा है कि भविष्य में यही बचत उनकी छोटी बेटी की पढ़ाई और अन्य जरूरी जरूरतों में काम आए। सिलाई से मिलने वाली अतिरिक्त आमदनी से छोटी घरेलू जरूरतें पूरी करने में भी सुविधा हो रही है।
घर से काम करने के कारण वह परिवार और बच्चों की देखभाल के साथ अपने हुनर को भी आय के साधन में बदल पा रही हैं।
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की सहायता राशि मिलने पर पार्वती बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह का पर्व है और इस अवसर पर मिलने वाली सहायता उन्हें बड़े भाई की ओर से बहनों के प्रति स्नेह और सहयोग जैसी महसूस होती है।
पार्वती की कहानी बताती है कि छोटी-छोटी बचत को सही दिशा में लगाकर नियमित आर्थिक सहायता स्वरोजगार की शुरुआत का आधार बन सकती है। महतारी वंदन की राशि ने उनके लिए घरेलू जरूरतों के साथ अपने हुनर से अतिरिक्त आय अर्जित करने का रास्ता भी खोला है।

