PTV BHARAT 17 SEPTEMBER 2026 – रायपुर : विश्वकर्मा जयंती पर आईसीएआर-एनआईबीएसएम में मशीनरी और उपकरणों की पूजा
आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर-एनआईबीएसएम), रायपुर में गुरुवार को विश्वकर्मा जयंती पारंपरिक उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भगवान विश्वकर्मा, जिन्हें दिव्य वास्तुकार एवं शिल्पकार के रूप में पूजनीय माना जाता है, की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। संस्थान में अनुसंधान एवं विभिन्न संस्थागत गतिविधियों में उपयोग होने वाली मशीनरी, यंत्रों, उपकरणों एवं तकनीकी सुविधाओं की भी पूजा की गई।
संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर स्टाफ एवं विद्यार्थियों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अनुसंधान एवं संस्थागत कार्यों को प्रभावी बनाने में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक उपकरणों एवं मशीनरी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इनके उचित उपयोग, रखरखाव एवं देखभाल पर जोर दिया।
इस अवसर पर संस्थान के स्टाफ एवं विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अत्याधुनिक जिम का उद्घाटन भी निदेशक डॉ. पी. के. राय ने किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम अच्छे स्वास्थ्य, शारीरिक फिटनेस एवं समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं स्टाफ को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा दैनिक दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समन्वय संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा ने किया।
स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 का शुभारंभ
इसी क्रम में संस्थान में स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 का भी शुभारंभ किया गया। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत विकसित भारत” थीम के साथ आयोजित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य स्वच्छता, साफ-सफाई एवं स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ संस्थान के स्टाफ एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है।
अभियान के प्रथम दिन डॉ. पी. के. राय ने स्टाफ एवं विद्यार्थियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाते हुए विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। नोडल अधिकारी डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों एवं कार्ययोजना की जानकारी दी तथा कार्यक्रम का समन्वय किया। तीनों कार्यक्रमों में संस्थान के स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रमों के माध्यम से संस्थान में वैज्ञानिक प्रगति, शारीरिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।

