रायपुर : विशेष लेख, एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़

PTV BHARAT 17 SEPTEMBER 2026 – रायपुर : विशेष लेख, एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़

दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में छत्तीसगढ़ भी अब एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एआई को विकास, रोजगार और सुशासन के नए अवसरों से जोड़ने के लिए तैयारियां कर रही है। खेती-किसानी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन तक हर क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार संकल्पित है।

500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री एआई मिशन

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री एआई मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल एआई तकनीक अपनाने वाला राज्य नहीं, बल्कि इसके उपयोग और नवाचार में अग्रणी बनाना है। इस मिशन के तहत प्रदेश में 100 एआई लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे।

योजना के अंतर्गत लगभग 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को एआई के उपयोग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, शासन की 50 से अधिक सेवाओं को एआई के जरिए अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी तलाशने वाला) की बजाय जॉब क्रिएटर (नौकरी पैदा करने वाला) बनाने के लिए मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन में एआई का प्रयोग

इस मिशन का दायरा केवल आईटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किए जाने की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। कृषि में मौसम, फसल, कीट और रोगों से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण से किसानों को समय पर सलाह उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। एआई आधारित तकनीक से जांच, रोग पहचान और स्वास्थ्य संसाधनों के प्रबंधन में भी सुधार की संभावनाएं हैं।

सुशासन एवं उद्योग

सरकारी पोर्टलों, जैसे सेवा सेतु, के विस्तार और एआई के उपयोग से योजनाओं की मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाया जा रहा है। वहीं उद्योगों में उत्पादकता और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में भी एआई की भूमिका हो सकती है। कारखानों में रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के उपयोग से उत्पादन की गति बढ़ाने और त्रुटियां कम करने में मदद मिलती है। एआई सेंसर मशीनों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और खराबी आने से पहले चेतावनी दे सकते हैं, जिससे लागत बचाने में सहायता मिलती है। उद्योगों में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझने और 24×7 सहायता प्रदान करने के लिए एआई संचालित टूल का उपयोग किया जाता है।

नवा रायपुर बन रहा तकनीक और एआई का नया हब

नवा रायपुर को आईटी, एआई और डेटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां लगभग 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एआई आधारित डेटा सेंटर और एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। एनआईटी रायपुर और ट्रिपल आईटी (IIIT) नवा रायपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए अवसर बनने की दिशा में काम हो रहा है।

नवा रायपुर में देश का पहला एआई आधारित डेटा सेंटर

नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में देश का पहला एआई आधारित डेटा सेंटर विकसित होने की जानकारी दी गई है। यह परियोजना प्रदेश में तकनीकी निवेश और डिजिटल अवसंरचना को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रही है। इससे प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन की आवश्यकता कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही एआई तकनीक का लाभ किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों तक पहुंचाने की दिशा में भी अवसर बढ़ेंगे। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

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