महासमुंद : सेवा संकल्प अभियान में हुनर को मिला रोजगार, महिला स्व-सहायता समूह बढ़ा रहा आत्मनिर्भरता की राह

PTV BHARAT 17 SEPTEMBER 2026 – महासमुंद : सेवा संकल्प अभियान में हुनर को मिला रोजगार, महिला स्व-सहायता समूह बढ़ा रहा आत्मनिर्भरता की राह

कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहकर परिवार की जिम्मेदारियां निभाने वाली ग्रामीण महिलाएं आज अपने हुनर और मेहनत से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा से प्रेरित आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण की भावना को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। महासमुंद जिले के विकासखंड बसना के ग्राम भंवरपुर में गठित नया सवेरा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास, हुनर और मेहनत के बल पर अपनी आजीविका को मजबूत करते हुए आत्मनिर्भरता की ऐसी बदलाव की कहानी पेश की है, जो गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी नई उम्मीद और प्रेरणा बन रही है।

समूह की महिलाओं ने पारंपरिक कौशल को आजीविका का माध्यम बनाते हुए कोसा साड़ी, शॉल, दुपट्टा, गमछा सहित विभिन्न उत्पाद तैयार किए। बिहान योजना से मिले सहयोग और बाजार उपलब्ध कराने की पहल ने महिलाओं के उत्पादों को स्थानीय स्तर से बाहर निकलकर देश के प्रमुख शहरों तक पहुंचने का अवसर दिया। आज समूह की महिलाएं अपने हुनर के माध्यम से परिवार की आय में सहयोग कर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ रही हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत गठित नया सवेरा महिला स्व-सहायता समूह को जनपद पंचायत बसना के माध्यम से चक्रिय निधि का लाभ प्राप्त हुआ। इस सहयोग ने समूह की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में विशेष भूमिका निभाई। महिलाओं ने सामूहिक रूप से अपनी कार्ययोजना तैयार की और अपने पारंपरिक हुनर को व्यवस्थित व्यवसाय का स्वरूप देना शुरू किया। समूह की महिलाओं द्वारा तैयार कोसा साड़ी, शॉल, दुपट्टा, गमछा एवं अन्य उत्पादों की गुणवत्ता और आकर्षक स्वरूप ने ग्राहकों का ध्यान आकर्षित किया। बिहान के माध्यम से समूह का चिन्हांकन कर विभिन्न स्थानों पर आयोजित सरस मेलों में स्टॉल उपलब्ध कराया गया।

सरस मेलों में उत्पादों की बिक्री से बढ़ा आत्मविश्वास

नया सवेरा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भिलाई, रायपुर, दिल्ली, विशाखापट्टनम और नोएडा में आयोजित सरस मेलों में अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। इन मेलों में ग्राहकों ने समूह द्वारा निर्मित कोसा साड़ी, शॉल, दुपट्टा, गमछा एवं अन्य सामग्री को सराहा और खरीदा। भिलाई में आयोजित सरस मेले में समूह ने 1 लाख 25 हजार रुपये, रायपुर में 1 लाख 1 हजार रुपये, दिल्ली में 78 हजार रुपये, विशाखापट्टनम में 82 हजार 500 रुपये तथा नोएडा में 3 लाख 21 हजार रुपये की सामग्री का विक्रय किया। इस प्रकार विभिन्न सरस मेलों में समूह ने कुल 7 लाख 7 हजार 500 रुपये के उत्पादों की बिक्री की, जिससे महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर तैयार हुए।

सरस मेलों में मिली सफलता के बाद समूह की महिलाओं का उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा है। समूह अब स्थानीय बाजार में भी अपने उत्पादों का विक्रय कर रहा है। इससे महिलाओं को निरंतर आय का स्रोत प्राप्त हो रहा है और वे अपने व्यवसाय को और अधिक विस्तार देने की दिशा में प्रयासरत हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *