PTV BHARAT 17 SEPTEMBER 2026 – कोरिया : सेवा संकल्प अभियान में पीएम आवास योजना से मुमताज के जीवन में आई खुशहाली
हर परिवार जो दूसरे के खेतों में परिश्रम करके अपना जीवन यापन करता हो और उसके पास नाममात्र के लिए थोड़ी सी भूमि भी हो, वह पक्के मकान का केवल सपना ही देख सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आवास योजना लागू कर ऐसे कठिन जीवन संघर्ष वाले लाखों परिवारों के सपनों को आकार देने का कार्य किया है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम गदबदी में रहने वाली मुमताज बेगम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने पक्के मकान में रहकर अपना पारिवारिक जीवन जी रही हैं। कभी कच्चे घर में रहने वाले इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जुड़कर अब अपना अलग आशियाना और सामाजिक पहचान मिली है। यह परिवार अब अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए मेहनत करने में जुट गया है।
कठिन जीवन से शुरुआत
दूसरों के खेतों में परिश्रम करके जीवन यापन करने वाले मुमताज और उनके पति हैदर जमाल के पास सपने तो थे, लेकिन उन्हें पूरा करने के संसाधन नहीं थे। पहले गांव में ही एक कच्चे घर में रहकर जीवन चलाने वाले मुमताज और उनके पति हैदर रोजगारमूलक योजनाओं के हितग्राही थे। किसी तरह मजदूरी करके और दूसरों के खेतों में काम करके यह परिवार अपनी आजीविका चला रहा था। ऐसे में अपना एक मकान होना उनके लिए दिवास्वप्न था।
पहले बिहान, फिर प्रधानमंत्री आवास से सुधरा जीवन
मुमताज बीते कुछ वर्षों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ीं। इससे उनके सामाजिक दायरे में बढ़ोतरी हुई और आपसी लेन-देन के माध्यम से वह थोड़ी आय अर्जित करने लगीं। फिर प्रधानमंत्री आवास योजना ने इस परिवार के लिए ऐसा कार्य कर दिया, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। विगत वित्तीय वर्ष में इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित किया गया। आवास योजना के तहत मिली आर्थिक मदद से मुमताज और उनके पति हैदर ने परिश्रम कर अपना सुंदर आशियाना बनाया और अब उनके पास खुद का मकान है।
सामाजिक पहचान बना आवास
मुमताज और उनके पति हैदर ने बताया कि पहले बेघर होने की चिंता उन्हें हमेशा परेशान करती थी। ऐसे में बच्चों के भविष्य को लेकर भी दोनों पति-पत्नी चिंतित रहते थे। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से मिले पक्के मकान की स्वीकृति और उसके बाद आवास निर्माण पूर्ण हो जाने से उनकी जीवनभर की चिंता एक बार में ही समाप्त हो गई है। अपना घर बन जाने के बाद मुमताज और हैदर अब एक सामाजिक पहचान के साथ सुखमय जीवन में आगे बढ़ रहे हैं।

