PTV BHARAT 09 OCTOBER 2026 – रायपुर : युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही होगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने युवाओं के सवालों के जवाब देते हुए अपने छात्र जीवन, संघर्ष, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जनसेवा की यात्रा के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा फेलो इस अवसर का उपयोग शासन की कार्यप्रणाली समझने के साथ अपने ज्ञान, कौशल और नए विचारों से जनजीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। शिक्षा, ऊर्जा, प्रतिभा और नए विचारों से संपन्न युवा जब जनकल्याण से जुड़ते हैं, तो बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। उन्होंने युवाओं से स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर परिश्रम करने और प्रत्येक दायित्व का निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भी विकसित प्रदेश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवा फेलो से अपनी क्षमताओं को निखारने, नए विचार प्रस्तुत करने और आंकड़ों, प्रमाणों तथा मैदानी अनुभव के आधार पर जनहित से जुड़े व्यावहारिक समाधान सुझाने को कहा।
शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल जरूरी – मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विकास का मूल मंत्र है। अपने छात्र जीवन को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उनके गांव बगिया में शैक्षणिक सुविधाएं सीमित थीं। उन्हें पांचवीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए गांव से लगभग छह किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाना पड़ता था। उस समय स्कूलों के भवन कच्चे होते थे और विद्यार्थियों को बैठने के लिए घर से चटाई या जूट का बोरा लेकर जाना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रयास आवासीय विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर मिल रहे हैं। दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए निःशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती अर्थव्यवस्था और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। जिलों में लाइवलीहुड कॉलेजों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा प्रदेश के 30 आईटीआई का उन्नयन कर उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, पिछले लगभग ढाई वर्षों में 700 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से करीब 24 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। रायपुर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया और लगभग पांच हजार युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।
निवेश को रोजगार में बदलना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार और उद्यमिता को प्राथमिकता दी गई है। महिला उद्यमियों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलना है।
उन्होंने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों में छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया। प्रदेश की खनिज संपदा, वनोपज और औद्योगिक संभावनाओं के साथ सेमीकंडक्टर एवं टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित मेडिसिटी और पांच हजार बिस्तरों की अस्पताल सुविधाओं की परिकल्पना का भी उल्लेख किया।
एआई मिशन से आधुनिक तकनीक में दक्ष होंगे युवा – मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मिशन के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत छह लाख विद्यार्थियों को एआई की शिक्षा देने और लगभग डेढ़ हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीकी बदलावों में केवल सहभागी ही नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना चाहती है।
संघर्ष से जनसेवा तक का सफर साझा किया – जीवन की प्रेरणा से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग दस वर्ष की उम्र में पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। चार भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण उन्हें मां, दादी और छोटे भाइयों की देखभाल के साथ खेती-बाड़ी की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ी। उन्होंने बैलों से हल चलाने सहित खेती के विभिन्न कार्य किए। इन परिस्थितियों ने उन्हें परिश्रम, जिम्मेदारी और कठिनाइयों का सामना करना सिखाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी गांव का सरपंच बनने की कल्पना भी नहीं की थी। निर्विरोध सरपंच चुने जाने के बाद उन्हें विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में जनसेवा का अवसर मिला। उन्होंने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को याद करते हुए उनके धैर्य, सहजता और आत्मीय व्यवहार को प्रेरणादायक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण को कार्य के केंद्र में रखकर प्रत्येक जिम्मेदारी निष्ठा और ईमानदारी से निभानी चाहिए।
36 युवा फेलो समझेंगे योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन – सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव तथा मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच में इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, गणित, वाणिज्य और अर्थशास्त्र सहित विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों के 36 युवाओं का चयन किया गया है। इनमें कुछ प्रतिभागी अपने स्टार्टअप भी संचालित कर रहे हैं।
दो वर्षीय फेलोशिप में पांच माह का अध्ययन एवं प्रशिक्षण और 19 माह का मैदानी अनुभव शामिल है। प्रारंभिक तीन माह आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी जिला प्रशासन के साथ जुड़कर योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनसेवाओं की कार्यप्रणाली समझेंगे। राहुल भगत ने प्रतिभागियों को प्रदेश के विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर छत्तीसगढ़ 2047’ का अध्ययन करने और अपने विचार साझा करने के लिए प्रेरित किया।
संवाद के दौरान युवा फेलो ने फेलोशिप, सुशासन, शिक्षा, रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और प्रदेश के विकास में युवाओं की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग जनसेवा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में करने के लिए प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आईआईएम रायपुर और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के सहयोग से मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप संचालित की जा रही है। द्वितीय बैच के लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) स्कोर और आईआईएम की चयन प्रक्रिया के माध्यम से 36 युवाओं का चयन हुआ है। इनमें दंतेवाड़ा, बस्तर और जशपुर सहित प्रदेश के 14 जिलों के युवा शामिल हैं। फेलो योजनाओं की निगरानी, नीतिगत विश्लेषण, विभागीय समन्वय और जनसेवाओं में सुधार के प्रयासों में सहयोग देंगे।
कार्यक्रम में भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक प्रोफेसर संजीव पराशर, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के उप सचिव सूरज साहू सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

