सुकमा : लोकतंत्र को मजबूत बनाने की पहल, अंदरूनी गांवों तक पहुंच रहे बीएलओ

PTV BHARAT 14 OCTOBER 2026 – सुकमा : लोकतंत्र को मजबूत बनाने की पहल, अंदरूनी गांवों तक पहुंच रहे बीएलओ

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सुकमा जिले में मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और समावेशी बनाने के लिए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-90 कोंटा में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिला प्रशासन का निर्वाचन अमला अंदरूनी एवं दूरस्थ गांवों तक पहुंचकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से छूटे पात्र नागरिकों की पहचान कर रहा है।

बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर फॉर्म-6 वितरित कर नए मतदाताओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए सक्रियता से कार्य कर रहे हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के अवसर से वंचित न रहे।

डिजिटल तकनीक और नियमित निगरानी से अभियान को गति

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, नियमित निगरानी और जनजागरूकता का सहारा लिया जा रहा है। बीएलओ द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन संबंधी जानकारी डिजिटल माध्यमों से दर्ज की जा रही है। अभियान के बेहतर क्रियान्वयन के लिए निर्वाचन अमले को प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं, संबंधित तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मैदानी कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।

इसके साथ ही स्कूलों में निर्वाचक साक्षरता क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को मतदान के महत्व तथा मतदाता पंजीयन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। 17 वर्ष या उससे अधिक आयु के युवाओं को अग्रिम आवेदन की सुविधा की जानकारी देकर भविष्य के मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की पहल की जा रही है।

पात्र नागरिक फॉर्म-6 के माध्यम से कराएं पंजीयन

जिला निर्वाचन कार्यालय सुकमा ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो वे फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीयन के लिए आवेदन करें। इसके लिए संबंधित बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है। नागरिक आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल https://voters.eci.gov.in के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।

निर्वाचन संबंधी जानकारी और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।

जिला प्रशासन की यह पहल मतदाता सूची में पात्र नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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